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नाव चलाने की अनुमति की मांग, तहसील पहुंचे ब्रजघाट के केवट समाज

गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) : तीर्थ नगरी ब्रजघाट में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन द्वारा नाव संचालन पर रोक लगाए जाने से केवट समाज के लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नाव चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले समाज के लोगों ने सोमवार को गढ़मुक्तेश्वर तहसील पहुंचकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। बड़ी संख्या में पहुंचे केवट समाज के लोगों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) श्रीराम यादव को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षित परिस्थितियों में नाव संचालन दोबारा शुरू कराने की मांग की।
केवट समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि ब्रजघाट में गंगा नदी पर नाव संचालन उनका मुख्य रोजगार है। इसी के माध्यम से वे अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिहाज से नाव संचालन पर रोक लगाए जाने के बाद उनकी आय पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
समाज के लोगों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि प्रशासन गंगा के मौजूदा हालात की समीक्षा करे और यदि परिस्थितियां अनुकूल हों तो नाव संचालन की अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन लंबे समय तक नाव संचालन बंद रहने से उनके परिवारों का जीवन यापन मुश्किल हो रहा है।
ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कोई ऐसा रास्ता निकाला जाए, जिससे श्रद्धालुओं और नाविकों दोनों के हित सुरक्षित रह सकें। उनका कहना था कि ब्रजघाट में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। नाव संचालन बंद होने से जहां श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है, वहीं नाविकों की आय भी प्रभावित हो रही है।
उप जिलाधिकारी श्रीराम यादव ने केवट समाज के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। गंगा नदी के जलस्तर, मौसम की स्थिति और अन्य परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदी में जलस्तर अधिक होने के दौरान नाव संचालन करना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है। जैसे ही स्थिति सामान्य होगी और नाव संचालन के लिए परिस्थितियां सुरक्षित पाई जाएंगी, इस संबंध में आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
एसडीएम से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद केवट समाज के लोगों ने तहसील परिसर में प्रशासन के समर्थन में नारे भी लगाए। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर मौजूद दिखाई दे रहे हैं।
गौरतलब है कि सावन महीने के दौरान ब्रजघाट में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। गंगा स्नान, पूजा-पाठ और कांवड़ यात्रा के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में नाव संचालन बंद होने से कई लोगों की धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और किसी भी तरह के जोखिम से बचें। अधिकारियों ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जनहित को ध्यान में रखते हुए ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल केवट समाज को प्रशासन के अगले आदेश का इंतजार है।





