उत्तर प्रदेश

एशियाई खेलों में भारत की सफलता पर ब्रजेश पाठक ने दी बधाई

Ratna Netam
4 Oct 2026 4:05 PM IST
एशियाई खेलों में भारत की सफलता पर ब्रजेश पाठक ने दी बधाई
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत की बढ़ती सफलता वैश्विक स्तर पर देश की प्रगति को भी दर्शाती है।जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने कुल 85 पदक अपने नाम किए। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद भारत ने चौथा स्थान हासिल किया।
ब्रजेश पाठक ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है।पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल क्षेत्र में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खिलाड़ियों के लिए बजट, प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है। बेहतर बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रदर्शन को बढ़ावा मिला है।
एशियाई खेलों में भारत को तीरंदाजी, शूटिंग, एथलेटिक्स, हॉकी, क्रिकेट, मुक्केबाजी, कुश्ती, कबड्डी और गोल्फ सहित कई खेलों में पदक मिले। तीरंदाजी भारत के लिए स्वर्ण पदक के लिहाज से सबसे सफल खेलों में रही, जबकि एथलेटिक्स ने कुल पदकों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।भारतीय तीरंदाजों ने इस बार कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। कुमकुम अनिल मोहोद व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। महिला रिकर्व टीम ने भी दक्षिण कोरिया के लंबे दबदबे को समाप्त करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इस प्रदर्शन को भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप में स्वर्ण जीतकर इस स्पर्धा में भारत का लंबा इंतजार खत्म किया। वहीं नीरू और काइनन चेनाई की जोड़ी ने मिश्रित ट्रैप में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।हॉकी में भारतीय टीमों का प्रदर्शन भी खास रहा। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुष हॉकी टीम की जीत ने भारत को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन भी दिलाया।
क्रिकेट में भी भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने खिताब जीता। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं कबड्डी में भी भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन सहित भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। कुश्ती में भी भारत को महत्वपूर्ण सफलता मिली और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय अभियान को मजबूती दी। गोल्फ में प्रणवी उर्स का प्रदर्शन भी ऐतिहासिक रहा।
हालांकि भारत का कुल पदक आंकड़ा पिछले एशियाई खेलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन से कम रहा। इसके बावजूद 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना देश के एशियाई खेल इतिहास के मजबूत प्रदर्शनों में शामिल है।ब्रजेश पाठक ने खेलों में देश की बढ़ती भागीदारी को भारत की व्यापक प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि आज भारत अलग-अलग क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां भी इसी बदलाव का हिस्सा हैं।
पिछले कुछ वर्षों में देश में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण केंद्रों और खिलाड़ियों की पहचान तथा तैयारी पर जोर बढ़ा है। सरकार की ओर से खेलो इंडिया सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है। एशियाई खेल जैसे बड़े मंचों पर मिलने वाली सफलताओं को इन्हीं प्रयासों के परिणामों से जोड़कर देखा जा रहा है।आइची-नागोया एशियाई खेलों में करीब 17 हजार खिलाड़ियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया और 469 स्वर्ण पदक स्पर्धाएं आयोजित हुईं। प्रतियोगिता में कई विश्व और एशियाई रिकॉर्ड भी बने।
भारतीय दल के लिए इस बार कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी सामने आईं। कुछ खेलों में अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले, लेकिन तीरंदाजी, हॉकी, क्रिकेट, मुक्केबाजी, कुश्ती और गोल्फ जैसे खेलों में मिली सफलताओं ने भारत को पदक तालिका में चौथे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।अब भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों पर रहेगा। एशियाई खेलों के प्रदर्शन से जहां कई खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वहीं कुछ खेलों में सुधार की जरूरत भी सामने आई है।ब्रजेश पाठक ने भारतीय खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में देश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक पदक जीतेंगे तथा भारत का नाम रोशन करेंगे।

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