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उद्योगों की समस्याओं पर मंथन, मुजफ्फरनगर में IIA की महाबैठक आयोजित

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : सर्कुलर रोड स्थित होटल स्वर्ण इन एंड सूट्स में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) मुजफ्फरनगर चैप्टर की महत्वपूर्ण जनरल मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के कई प्रमुख उद्यमियों ने भाग लिया और उद्योगों के विकास, उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर के सचिव राहुल मित्तल ने सभी अतिथियों और उद्यमियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समर्थ जैन ने कुशलतापूर्वक किया। बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लेकर उद्योगों के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार रखे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और बदलते वैश्विक बाजार के अनुसार तैयार करना था। इस दौरान औद्योगिक लागत में कमी लाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और डिजिटल तकनीक को अपनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के प्रथम मुख्य वक्ता रोहित दत्त पालीवाल ने उद्योगों में रिसोर्स एफिशिएंसी यानी संसाधन दक्षता को वर्तमान समय की बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि उद्योगों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधनों का बेहतर और संतुलित उपयोग करना होगा।
उन्होंने ऊर्जा और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से बिजली और पानी की खपत को काफी कम किया जा सकता है। इससे न केवल उत्पादन लागत घटेगी बल्कि उद्योगों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बचत सीधे तौर पर उद्योगों के मुनाफे और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित करती है।
रोहित दत्त पालीवाल ने सतत विकास को लेकर भी उद्यमियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कार्बन उत्सर्जन को कम करना बेहद जरूरी हो गया है। पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाकर उद्योग न केवल प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना भी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में वही उद्योग आगे बढ़ पाएंगे, जो कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकेंगे। उत्पादन लागत को नियंत्रित करना और संसाधनों का सही इस्तेमाल करना स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा।
बैठक में डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर भी चर्चा की गई। उद्यमियों ने माना कि आधुनिक समय में तकनीक का उपयोग उद्योगों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हो गया है। डिजिटल सिस्टम, ऑटोमेशन और नई तकनीकों के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
आईआईए पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन लगातार उद्योगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयासरत है। इस तरह की बैठकों के माध्यम से उद्यमियों को नई जानकारियां मिलती हैं और उद्योगों के विकास के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने में मदद मिलती है।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग संगठन और उद्यमियों के बीच बेहतर तालमेल से ही औद्योगिक विकास को गति दी जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर की ओर से सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जिले के उद्योग नई तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे।





