उत्तर प्रदेश

लखनऊ में अब कट्टा-बम नहीं ब्रह्मोस मिसाइल बन रही, 10 लाख लोगों को मिलेगा आशियाना: CM

Kavita2
25 Sept 2026 9:43 AM IST
लखनऊ में अब कट्टा-बम नहीं ब्रह्मोस मिसाइल बन रही, 10 लाख लोगों को मिलेगा आशियाना: CM
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में दो बड़ी आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और लखनऊ की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले लखनऊ में कट्टा और बम बनाए जाने की चर्चा होती थी, जबकि अब यहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और मेट्रो का विस्तार होने के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर राजधानी को नई पहचान दे रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा एक्सप्रेसवे के पास दोना गांव में आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन किया। दोनों योजनाओं को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से कुल 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 4,520 भूखंडों के पंजीकरण की शुरुआत भी की।

इन दोनों योजनाओं के विकसित होने के बाद करीब 10 लाख लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होने का अनुमान है। वरुण विहार को करीब 6,500 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां लगभग छह लाख लोगों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है। वहीं करीब 4,100 एकड़ में विकसित होने वाला नैमिष नगर लगभग चार लाख लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 2,166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वायर, अनंत नगर योजना का अदिति अपार्टमेंट और शारदा नगर विस्तार का वागेश्वरी अपार्टमेंट शामिल हैं। इन पांच परियोजनाओं में करीब 4,150 फ्लैट तैयार किए जाने की योजना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आवासीय योजनाओं का लेआउट भी देखा और अधिकारियों को विकास कार्यों को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने सुनियोजित शहरी विकास पर जोर देते हुए कहा कि शहरों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के साथ नई कॉलोनियां विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनियोजित विकास के कारण पहले लोगों को जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, विनिर्माण और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बड़े केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर और एआई सिटी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए एयरपोर्ट और मेट्रो विस्तार को भी राजधानी के बदलते स्वरूप से जोड़ा। मुख्यमंत्री के अनुसार वरुण विहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की दिशा में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जबकि नैमिष नगर लखनऊ-सीतापुर की ओर शहर के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के साथ आसपास के जिलों का भी योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। इसके लिए स्टेट कैपिटल रीजन के तहत लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली को जोड़ते हुए क्षेत्रीय विकास योजना तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भूमि देने वाले किसानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि मुआवजे में मिली धनराशि को केवल वाहन या दूसरी उपभोक्ता वस्तुएं खरीदने में खर्च करने के बजाय जमीन, उद्योग या ऐसे क्षेत्रों में निवेश करें, जिससे भविष्य में उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में रक्षा क्षेत्र से जुड़ा उत्पादन भी शहर की नई पहचान का हिस्सा बन रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों पर राजनीतिक हमला किया। उनका कहना था कि राजधानी अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री की राजनीतिक आलोचना के संदर्भ में थी।

वरुण विहार और नैमिष नगर को लखनऊ की बढ़ती आबादी और भविष्य की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। योजनाओं में आवास के साथ सड़क, बिजली, पानी और दूसरी शहरी सुविधाओं के विकास पर जोर रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों योजनाओं को करीब तीन साल में विकसित करने का लक्ष्य है और इनमें 50 हजार से अधिक आवास तैयार होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी का विस्तार अनियोजित तरीके से न हो, इसके लिए सरकार और विकास प्राधिकरण को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करना होगा। वरुण विहार और नैमिष नगर के साथ पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत को सरकार ने इसी सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

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