उत्तर प्रदेश

यूपी में टेक्सटाइल निवेश को बढ़ावा, 8 कंपनियों को मिला प्रोत्साहन

Saba Naaz
22 July 2026 4:34 PM IST
यूपी में टेक्सटाइल निवेश को बढ़ावा, 8 कंपनियों को मिला प्रोत्साहन
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नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल एक्सपो 'भारत टेक्स 2026' में अपनी औद्योगिक क्षमता और निवेश संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ने खुद को देश के प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पेश किया। राज्य सरकार ने निवेशकों को अपनी नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इस दौरान चार टेक्सटाइल इकाइयों को कुल 5.17 करोड़ रुपये की वित्तीय सब्सिडी दी गई, जबकि चार नए निवेशकों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी किया गया।

भारत टेक्स 2026 में आयोजित विशेष 'उत्तर प्रदेश राज्य सत्र' में प्रदेश के वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने राज्य की टेक्सटाइल क्षमताओं को निवेशकों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी पारंपरिक हथकरघा विरासत को आधुनिक तकनीक और टेक्निकल टेक्सटाइल्स के साथ जोड़कर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की नीतियां उद्योगों को आसान प्रक्रियाएं, बेहतर सुविधाएं और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही हैं।

कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की 'उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022' के तहत उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

इस अवसर पर राज्य सरकार ने चार प्रमुख टेक्सटाइल इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान की। मेरठ की के.डी. प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड को 2.37 करोड़ रुपये, मुरादाबाद की जी.ओ. पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड को 1.26 करोड़ रुपये, बुलंदशहर की पैट्रोनस अपैरल्स प्राइवेट लिमिटेड को 80 लाख रुपये और विनटेक्स इंडस्ट्रीज को 74 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई।

सरकार के अनुसार, इस आर्थिक सहायता से कंपनियां अपने उत्पादन को बढ़ाने, आधुनिक मशीनों का उपयोग करने और तकनीकी स्तर को मजबूत करने में सक्षम होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

इसके अलावा चार नए निवेशकों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' भी जारी किए गए। इसमें चाहत एक्सपोर्ट्स एलएलपी को 16.18 करोड़ रुपये की परियोजना, अवंती ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड को 3.18 करोड़ रुपये की परियोजना, आर्टेक्स मिल्स प्राइवेट लिमिटेड को 2.10 करोड़ रुपये की परियोजना और रचित प्रिंट्स लिमिटेड को 1.40 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए सुविधा पत्र प्रदान किया गया।

'लेटर ऑफ कम्फर्ट' मिलने के बाद इन कंपनियों को निवेश से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सहायता मिलेगी और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में तेजी आएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े निवेश को आकर्षित कर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत स्थान दिलाया जाए।

कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में प्रस्तावित पीएम मित्र पार्क और संत कबीर पार्क को लेकर भी चर्चा हुई। इन पार्कों में विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन औद्योगिक पार्कों के विकसित होने से टेक्सटाइल कंपनियों को उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्र अनिल कुमार सागर, एमएसएमई एवं वस्त्र आयुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा समेत कई उद्योगपति और नीति निर्माता मौजूद रहे।

भारत टेक्स 2026 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी को राज्य के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि नई निवेश परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में शामिल होगा।

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