उत्तर प्रदेश

ग्रामीण अदालत में बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

SHIDDHANT
28 Jan 2026 10:01 PM IST
ग्रामीण अदालत में बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
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Lucknow लखनऊ: सीबीआई विशेष अदालत ने बुधवार को एसएसबी, अलीगंज स्थित जोनल पे-एंड-अकाउंट ऑफिस के सीनियर अकाउंटेंट राम निवास वर्मा को रिश्वत मामले में दोषी करार देते हुए पांच साल की सश्रम कैद और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह फैसला मामले की सुनवाई पूरी होने और आरोप सिद्ध होने के बाद सुनाया।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राम निवास वर्मा के खिलाफ 2 जुलाई 2018 को मामला दर्ज किया था। यह केस तीसरी बटालियन एसएसबी, लखीमपुर खीरी में तैनात एक कांस्टेबल की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप था कि आरोपी ने कांस्टेबल के बिल और भत्ते पास कराने के एवज में 4,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 31 अगस्त 2018 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। 24 मई 2019 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए और नियमित सुनवाई शुरू हुई। ट्रायल में अभियोजन पक्ष ने रिश्वत मांगने और लेने के सबूत और गवाहों को अदालत के सामने पेश किया। सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने राम निवास वर्मा को भ्रष्टाचार का दोषी पाया। इसके बाद उसे पांच साल कैद और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। सीबीआई ने इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में एक अहम कदम बताया।
इससे पहले 15 जनवरी को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने 152 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में दो निजी कंपनियों और छह व्यक्तियों को दोषी ठहराया था। यह मामला केनरा बैंक, करनाल की शिकायत पर 14 जुलाई 2020 को दर्ज किया गया था। इस फैसले से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है और कानून व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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