उत्तर प्रदेश

200 टन वजनी बायलर मशीन वाराणसी पहुंची, दलदली रास्ते की चुनौती के बाद आगे बढ़ेगा काफिला

Kavita2
28 Sept 2026 12:08 PM IST
200 टन वजनी बायलर मशीन वाराणसी पहुंची, दलदली रास्ते की चुनौती के बाद आगे बढ़ेगा काफिला
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वाराणसी: बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए ओडिशा पहुंची करीब 200 टन वजनी ओवर डायमेंशन कार्गो बायलर मशीन अब उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक पहुंच गई है। विशालकाय मशीन को लेकर चल रहा विशेष ट्रेलर रविवार को रेवसा गांव के पास दलदली जमीन की बाधा के कारण कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

रास्ते की स्थिति को देखते हुए टीम ने पूरे दिन मरम्मत का काम किया, ताकि भारी-भरकम मशीन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। सोमवार को इसके आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

बेल्जियम से शुरू हुआ सफर वाराणसी तक पहुंचा

यह विशाल बायलर मशीन बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा लाई गई थी। इसके बाद सड़क मार्ग से इसे निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने का काम शुरू किया गया।

करीब 200 टन वजन वाली इस मशीन के परिवहन के लिए विशेष ट्रेलर का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी वजन और बड़े आकार के कारण इसके लिए अलग रास्तों की व्यवस्था की जा रही है।

रेवसा के पास दलदल बना बड़ी चुनौती

वाराणसी पहुंचने के दौरान रेवसा गांव के समीप दलदली जमीन ने मशीन के काफिले की रफ्तार रोक दी। भारी ट्रेलर को आगे बढ़ाने में परेशानी आने के बाद टीम ने मौके पर रास्ते को मजबूत करने का काम शुरू किया।

पूरे दिन मजदूरों और तकनीकी टीम ने सड़क की स्थिति सुधारने में मेहनत की, ताकि मशीन को बिना किसी नुकसान के आगे ले जाया जा सके।

सर्विस रोड पर खड़ा रहा ट्रेलर

रास्ते की मरम्मत के चलते रविवार को बायलर मशीन से लदा ट्रेलर रिंग रोड की सर्विस लेन पर खड़ा रहा।

मशीन के रुकने की खबर के बाद आसपास के लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। बड़ी संख्या में लोग इतनी विशाल मशीन को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे।

भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस

विशालकाय मशीन को देखने के लिए जुट रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया।

अलीनगर थाने के अपराध निरीक्षक रमेश कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए व्यवस्था संभाली।

सोमवार को आगे बढ़ने की उम्मीद

अधिकारियों और परिवहन टीम के अनुसार, रास्ते की समस्या दूर होने के बाद सोमवार को मशीन को आगे ले जाने की संभावना है।

विशेषज्ञों की टीम लगातार पूरे मार्ग की निगरानी कर रही है, ताकि भारी कार्गो को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

भारी मशीनों की ढुलाई में होती है विशेष तैयारी

इतने बड़े आकार और वजन वाले कार्गो की ढुलाई सामान्य वाहनों की तरह नहीं होती। इसके लिए पहले से रूट सर्वे किया जाता है और रास्ते में आने वाली बाधाओं को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई जाती है।

पुल, सड़क की क्षमता, मोड़ और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही ऐसे कार्गो को आगे बढ़ाया जाता है।

रास्ते में लोगों की बढ़ी उत्सुकता

बायलर मशीन का आकार और परिवहन का तरीका लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आसपास के गांवों और क्षेत्रों से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं।

हालांकि, प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे काफिले के पास भीड़ न लगाएं, ताकि परिवहन कार्य में परेशानी न हो।

सुरक्षित परिवहन पर जोर

परिवहन टीम और प्रशासन का पूरा ध्यान मशीन को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने पर है। भारी वजन के कारण छोटी सी लापरवाही भी नुकसान का कारण बन सकती है।

इसी वजह से रास्ते की मजबूती, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फिलहाल 200 टन वजनी बायलर मशीन वाराणसी पहुंच चुकी है और आगे की यात्रा के लिए तैयार है। दलदली रास्ते की चुनौती पार करने के बाद अब इसके अगले पड़ाव की ओर बढ़ने की उम्मीद है।

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