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आगरा। एमएम गेट क्षेत्र से करीब एक सप्ताह पहले लापता हुई युवती का शव मंगलवार को इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में यमुना नदी से बरामद किया गया। मामले में फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और साक्ष्य नष्ट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, लेखपाल शिवजीत भदौरिया मूल रूप से बाह क्षेत्र के रुधमुली गांव का निवासी है और वर्तमान में फतेहाबाद तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात था। दूसरी ओर, युवती बाह क्षेत्र की रहने वाली थी और एमएम गेट के नूरी दरवाजा इलाके में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
बताया गया कि युवती ने बीटीसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और इसके बाद वह आगे की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात लेखपाल शिवजीत भदौरिया से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और संपर्क लगातार बना रहा।
युवती के लापता होने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। जब उसका कोई पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान शिवजीत भदौरिया की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवती के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की पूरी घटनाक्रम क्या था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
युवती का शव इटावा जिले के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में यमुना नदी से मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से युवती की मौत के कारणों को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच और धाराओं में आवश्यक बदलाव भी किया जा सकता है।
मामले में साक्ष्य नष्ट करने की धारा भी जोड़ी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद किसी प्रकार के डिजिटल, भौतिक या अन्य साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया गया था या नहीं।
पुलिस युवती और लेखपाल के बीच हुई बातचीत और मोबाइल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से दोनों के बीच अंतिम संपर्क और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी देख रही है कि युवती आखिरी बार किसके साथ देखी गई थी और उसके बाद वह किन-किन स्थानों पर गई। इसके लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
युवती के परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने उनसे युवती की दिनचर्या, उसके संपर्कों और हाल के दिनों की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली है।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। युवती का शव मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
लेखपाल शिवजीत भदौरिया के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने अपहरण के साथ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा लगाई है। इसका अर्थ यह है कि पुलिस फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उस दिशा में जांच कर रही है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामले में किसी प्रत्यक्ष आपराधिक साजिश या मौत के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। इसी कारण जांच कई बिंदुओं पर जारी है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि युवती यमुना नदी तक कैसे पहुंची। इसके लिए संभावित यात्रा मार्ग, वाहन और अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है।
लेखपाल के मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस भी जांच के दायरे में लिए जा सकते हैं। यदि इनमें से कोई महत्वपूर्ण चैट, कॉल या लोकेशन रिकॉर्ड मिलता है तो वह जांच में अहम साबित हो सकता है।
इटावा और आगरा पुलिस के बीच भी मामले से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है, क्योंकि युवती का शव दूसरे जिले के क्षेत्र में बरामद हुआ है। बढ़पुरा थाना पुलिस की ओर से शव बरामदगी से संबंधित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।
युवती की मौत के बाद यह मामला अब केवल गुमशुदगी तक सीमित नहीं रहा है। पुलिस के सामने यह स्पष्ट करना जरूरी है कि युवती के लापता होने, लेखपाल से उसके संबंध और शव के यमुना से मिलने के बीच क्या कड़ी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर दिशा से जांच की जा रही है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर और लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
फिलहाल लेखपाल शिवजीत भदौरिया को जेल भेज दिया गया है और जांच जारी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एमएम गेट से लापता हुई युवती का शव एक सप्ताह बाद यमुना नदी में मिलने से मामला बेहद गंभीर हो गया है। अब आगे की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही।





