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आठ दिन से लापता लैब अटेंडेंट का शव मिला, पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण साफ नहीं

गाजियाबाद। मोदीनगर क्षेत्र में आठ दिन से लापता लैब अटेंडेंट पवन शर्मा की मौत का कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट नहीं हो सका है। बुधवार को हुए पोस्टमॉर्टम के बाद डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। अब पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पवन शर्मा पिछले आठ दिनों से लापता थे। उनकी तलाश में परिजन और पुलिस लगातार जुटे हुए थे। बाद में उनका शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। परिवार ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम में फिलहाल ऐसी कोई स्पष्ट चोट नहीं मिली है जिससे हत्या की पुष्टि की जा सके।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार पवन शर्मा के शरीर पर मौत से पहले किसी गंभीर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। धारदार हथियार से हमले या किसी भारी वस्तु से चोट के भी संकेत सामने नहीं आए। यही वजह है कि डॉक्टर मौत का निश्चित कारण नहीं बता सके।
इस स्थिति में बिसरा सैंपल सुरक्षित किया गया है। बिसरा जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि शरीर में किसी जहरीले पदार्थ, नशीले पदार्थ या अन्य रासायनिक तत्व की मौजूदगी थी या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिवार के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। पवन की गुमशुदगी से लेकर शव मिलने तक के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पवन शर्मा आखिरी बार कब और कहां देखे गए थे। उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
परिजनों का कहना है कि पवन बिना किसी कारण घर से गायब नहीं हो सकते थे। उनका आरोप है कि उनके साथ कोई अनहोनी हुई और बाद में शव मिला। परिवार हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहराई से जांच की मांग कर रहा है।
हालांकि पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि केवल आशंका के आधार पर हत्या की पुष्टि नहीं की जा सकती। पोस्टमॉर्टम में बाहरी चोट नहीं मिलने के बाद बिसरा रिपोर्ट का महत्व और बढ़ गया है।
पवन शर्मा लैब अटेंडेंट के रूप में काम करते थे। उनके अचानक लापता होने के बाद परिवार ने संबंधित थाने में सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की थी।
आठ दिनों तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती रही। इस बीच रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर भी उनकी तलाश की गई। बाद में शव मिलने की जानकारी से परिवार में शोक फैल गया।
शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बुधवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस को दी।
पोस्टमॉर्टम के दौरान शरीर पर किसी धारदार हथियार से वार के निशान नहीं मिले। इसके अलावा ऐसी गंभीर बाहरी चोट भी सामने नहीं आई जो सीधे तौर पर मौत का कारण बन सके।
इस कारण डॉक्टरों ने मौत का कारण सुरक्षित रखते हुए बिसरा जांच की सलाह दी। अब फोरेंसिक लैब में नमूनों की जांच की जाएगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट आने में कुछ समय लग सकता है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पुलिस को भेजी जाएगी। यदि शरीर में किसी संदिग्ध रासायनिक पदार्थ की पुष्टि होती है तो उसी आधार पर जांच की दिशा बदली जा सकती है।
पुलिस इस बीच दूसरे पहलुओं पर भी काम कर रही है। घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पवन शर्मा लापता होने वाले दिन किन लोगों के संपर्क में थे।
मोबाइल की आखिरी लोकेशन भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि फोन बंद होने से पहले किसी विशेष स्थान पर सक्रिय था तो उस क्षेत्र में मौजूद लोगों या कैमरों से जानकारी जुटाई जा सकती है।
परिवार का कहना है कि मामले को केवल सामान्य मौत मानकर बंद नहीं किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि पवन की मौत के पीछे कोई साजिश हो सकती है।
पुलिस ने परिवार से मिले सभी तथ्यों को जांच में शामिल करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की प्रकृति को लेकर ठोस राय बनाई जा सकेगी।
यदि रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ या किसी अन्य असामान्य तत्व की पुष्टि होती है तो पुलिस आगे संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर सकती है। वहीं यदि रिपोर्ट सामान्य आती है तो अन्य संभावनाओं की जांच जारी रहेगी।
इस मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि पवन शर्मा की मौत कैसे हुई और वह आठ दिनों तक कहां थे। गुमशुदगी के दौरान उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाना पुलिस के लिए जरूरी हो गया है।
परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उनसे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पवन का किसी से विवाद तो नहीं था या हाल के दिनों में उन्होंने किसी परेशानी का जिक्र किया था।
पुलिस यह भी जांच रही है कि आर्थिक लेनदेन या निजी विवाद जैसा कोई कारण तो मामले से जुड़ा नहीं है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जिससे किसी एक दिशा में जांच तय हो सके।
लैब अटेंडेंट की मौत ने स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। आसपास के लोग मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक कारण सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने शव मिलने से जुड़े स्थान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के आरोपों को एक साथ रखकर जांच आगे बढ़ाई है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
पवन शर्मा की मौत का कारण अभी रहस्य बना हुआ है। पोस्टमॉर्टम में चोट या धारदार हथियार से वार का निशान नहीं मिलने के बाद अब पूरी जांच फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिक गई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





