उत्तर प्रदेश

तीन नाबालिग बहनों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद हिडन मुर्दाघर पहुंचाया

SHIDDHANT
4 Feb 2026 9:29 PM IST
तीन नाबालिग बहनों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद हिडन मुर्दाघर पहुंचाया
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तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से की आत्महत्या
Ghaziabad गाजियाबाद: जिले में एक दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। गाजियाबाद की एक रिहायशी बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक बहनों की उम्र क्रमशः 12, 14 और 16 वर्ष बताई जा रही है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह घटना परिवारिक तनाव या मानसिक दबाव के कारण हुई हो सकती है, लेकिन पुलिस इस संबंध में अभी गहन जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की सही वजह जानने के लिए पड़ोसियों, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।
तीनों बहनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हिंडन मुर्दाघर ले जाया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा और अंतिम संस्कार के लिए उनके घर ले जाया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पोस्टमॉर्टम में शवों की हालत और घटना के तरीके की पुष्टि की जाएगी ताकि आत्महत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके। घटना की खबर जैसे ही सामने आई, इलाके में मातम का माहौल बन गया। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखाई देता था और उन्होंने कभी इस तरह की गंभीर मानसिक परेशानी के संकेत नहीं देखे थे।
गाजियाबाद पुलिस की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों ने कहा कि वह परिवार और पड़ोसियों से बातचीत कर घटना के पीछे किसी भी तरह के दबाव, उत्पीड़न या किसी और बाहरी कारण की संभावना को भी खंगाल रही है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिगों में तनाव, अकेलापन, परिवारिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं के चलते ऐसे हादसे हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बच्चों और किशोरों की मानसिक स्थिति पर ध्यान दें और अगर किसी को चिंता या तनाव के संकेत दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से मदद लें।
यह घटना न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी कारण सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने परिजनों के सहयोग का आह्वान किया है ताकि इस दुखद घटना के रहस्यों को सुलझाया जा सके। इसके साथ ही समुदाय और परिवारों को चेतावनी दी गई है कि वे बच्चों और किशोरों की मानसिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहें।
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