उत्तर प्रदेश

80 हजार की मदद बंद मेधावी छात्रों को झटका

Ratna Netam
11 Aug 2026 2:21 PM IST
80 हजार की मदद बंद मेधावी छात्रों को झटका
x
प्रयागराज : बेसिक साइंस में करियर बनाने का सपना देखने वाले मेधावी छात्रों को मिलने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना के आवेदन पिछले साल से बंद हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से संचालित INSPIRE योजना के तहत इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में शीर्ष एक प्रतिशत अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को हर साल 80 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती थी। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेसिक और नेचुरल साइंस के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना था। आवेदन प्रक्रिया बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है।
INSPIRE यानी Innovation in Science Pursuit for Inspired Research योजना के तहत ऐसे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए पात्र माना जाता था, जिन्होंने इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग की परीक्षा में अपने बोर्ड के शीर्ष एक प्रतिशत विद्यार्थियों में स्थान हासिल किया हो। इसके बाद उन्हें गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, लाइफ साइंस, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान सहित बेसिक एवं नेचुरल साइंस से जुड़े स्नातक या इंटीग्रेटेड स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नियमित विद्यार्थी के तौर पर प्रवेश लेना होता था।
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को अधिकतम पांच वर्ष तक हर साल 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान था। इससे विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, अध्ययन सामग्री और शोध से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती थी। छात्रवृत्ति के लिए हर साल ऑनलाइन आवेदन INSPIRE के पोर्टल के माध्यम से लिए जाते थे। उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया में बोर्ड की ओर से जारी एडवाइजरी नोट भी लगाना पड़ता था।
हालांकि पिछले साल से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। पिछले साल उत्तर प्रदेश बोर्ड की ओर से शीर्ष एक प्रतिशत मेधावियों के लिए कटऑफ जारी की गई थी, लेकिन INSPIRE का आवेदन पोर्टल नहीं खुलने के कारण विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सके। इस साल स्थिति और गंभीर हो गई, क्योंकि कटऑफ भी जारी नहीं की गई। इससे उन विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, जो इंटरमीडिएट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद बेसिक साइंस में उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं।
पिछले साल शीर्ष एक प्रतिशत मेधावियों में शामिल यशी पटेल समेत कई विद्यार्थियों को इस योजना के लिए आवेदन करने का अवसर नहीं मिल सका। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। हालांकि वर्ष 2024 तक जिन विद्यार्थियों ने योजना के तहत आवेदन कर दिया था, उन्हें अभी भी निर्धारित नियमों के अनुसार छात्रवृत्ति मिलने की जानकारी है।
मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में यह पहली बार नहीं है जब आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा यानी NTSE भी अक्टूबर 2022 से बंद है। इसकी अंतिम नियमित परीक्षा 24 अक्टूबर 2021 को आयोजित हुई थी। NTSE के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 11 और 12 में हर महीने 1250 रुपये, स्नातक और परास्नातक स्तर पर दो हजार रुपये प्रतिमाह तथा पीएचडी के लिए यूजीसी मानकों के अनुसार छात्रवृत्ति दी जाती थी।
इसी तरह उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और बच्चों के लिए संचालित शैक्षिक सुविधा एवं छात्रवृत्ति योजना भी प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव से जूझ रही है। इस योजना के लिए राज्य सरकार हर साल टोकन मनी के रूप में 10 हजार रुपये का बजट प्रावधान करती है। लेकिन पात्र विद्यार्थियों की ओर से आवेदन या मांग पत्र नहीं मिलने के कारण यह राशि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले वापस करनी पड़ती है।
अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने हाल में सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र लाभार्थियों के आवेदन और मांग पत्र उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र में यह भी पूछा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मांग पत्र क्यों नहीं भेजे गए। अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। यदि किसी जिले में इस योजना के लिए कोई पात्र लाभार्थी नहीं है तो इसकी सूचना भी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना के तहत जूनियर हाईस्कूल स्तर पर कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को प्रति माह आठ रुपये, हाईस्कूल स्तर पर 15 रुपये और इंटरमीडिएट स्तर पर 25 रुपये छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। इसके अलावा पुस्तकीय सहायता के रूप में क्रमशः 50, 75 और 100 रुपये देने की व्यवस्था है।
मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं में आवेदन प्रक्रिया बाधित होने और कुछ योजनाओं में बजट का उपयोग नहीं हो पाने से यह सवाल उठ रहा है कि प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों तक सरकारी सहायता प्रभावी ढंग से क्यों नहीं पहुंच पा रही है। INSPIRE जैसी योजना में आवेदन पोर्टल नहीं खुलने से प्रभावित विद्यार्थियों को अब सरकार और संबंधित विभाग से प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
Next Story