उत्तर प्रदेश

हापुड़ में भाकियू टिकैत ने दिखाई संगठन की ताकत

Ratna Netam
13 Aug 2026 4:24 PM IST
हापुड़ में भाकियू टिकैत ने दिखाई संगठन की ताकत
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भारतीय किसान यूनियन के झंडे भी लगाए थे।
हापुड़ : भारतीय किसान यूनियन टिकैत के आह्वान पर गुरुवार को हापुड़ में किसानों ने विशाल ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा निकाली। जिले के अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर ततारपुर तिराहे पर पहुंचे। इसके बाद तिरंगे और किसान संगठन के झंडों से सजे ट्रैक्टरों का काफिला शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।इस यात्रा का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन टिकैत की युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी ने किया। सुबह से ही ततारपुर तिराहे पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में ट्रैक्टर जमा हो गए। किसानों ने अपने वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने के साथ भारतीय किसान यूनियन के झंडे भी लगाए थे।
शहर की सड़कों पर दिखा तिरंगे का रंग
ततारपुर तिराहे से शुरू हुई ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों और प्रमुख चौराहों से गुजरी। ट्रैक्टरों पर लहराते तिरंगे और किसानों की बड़ी संख्या ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा में शामिल किसान देशभक्ति और किसान एकता से जुड़े नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।ट्रैक्टरों के लंबे काफिले के कारण शहर के कई मार्गों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सड़क किनारे मौजूद लोगों ने भी यात्रा को देखा। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अनुशासन में रहकर यात्रा निकाली। संगठन से जुड़े कार्यकर्ता काफिले की व्यवस्था संभालते और किसानों को निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ाते दिखाई दिए।किसान नेताओं ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। किसान भी देश के विकास और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस यात्रा के माध्यम से किसान संगठन ने राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के साथ किसानों की समस्याओं की ओर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर उठाईं समस्याएं
शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा हापुड़ कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां किसानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की और किसानों से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा।किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। इनका समाधान नहीं होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से ज्ञापन में शामिल सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की।किसान नेताओं ने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रहा है। प्रशासन को किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए उनका शीघ्र समाधान करना चाहिए। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। यदि प्रशासन ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो संगठन आगे की रणनीति तैयार करेगा। आवश्यकता पड़ने पर किसानों की सहमति से आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा कि किसान अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर एकजुट हैं। संगठन का उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से किसानों की आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना है। उन्होंने यात्रा में शामिल होने वाले सभी किसानों से एकता बनाए रखने और संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
यात्रा में नजर आई किसानों की एकजुटता
ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान किसानों में उत्साह और एकजुटता साफ दिखाई दी। जिलेभर से किसानों की भागीदारी ने संगठन की ताकत का प्रदर्शन किया। तिरंगे से सजे ट्रैक्टरों के काफिले ने शहर में देशभक्ति का वातावरण बनाने के साथ किसान मुद्दों को भी प्रमुखता से सामने रखा।ज्ञापन सौंपने के बाद किसान निर्धारित मार्ग से वापस लौट गए। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने यात्रा को सफल बनाने के लिए किसानों और प्रशासन का आभार जताया। ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के माध्यम से किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
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