उत्तर प्रदेश

सत्ता की हैट्रिक के लिए BJP का महामंथन, शाह और योगी बनाएंगे रणनीति

Kavita2
30 Oct 2026 9:57 AM IST
सत्ता की हैट्रिक के लिए BJP का महामंथन, शाह और योगी बनाएंगे रणनीति
x

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को अपने चुनावी अभियान का आगाज करने जा रही है। प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही भाजपा की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक राजधानी लखनऊ में आयोजित होगी। इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेता आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करेंगे और संगठन को चुनावी मोड में सक्रिय करने का रोडमैप तय करेंगे। बैठक के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे, जो उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जीत का मंत्र देंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र में सरकार की उपलब्धियों और आगामी चुनावी तैयारियों पर अपने विचार रखेंगे। भाजपा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाना है। इसके लिए संगठन की कमियों को दूर करने, बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने और जनता के बीच सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की यह महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी करेंगे। तीन सत्रों में आयोजित होने वाली इस एकदिवसीय बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न जिलों से आए पार्टी नेता शामिल होंगे। बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करने के साथ आगामी चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा की चुनावी रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले अमित शाह उत्तर प्रदेश के नेताओं को संगठनात्मक मजबूती और बूथ प्रबंधन पर विशेष दिशा-निर्देश दे सकते हैं। संभावना है कि वे कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने, मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाने और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का संदेश देंगे।

भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। पार्टी ने वर्ष 2017 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। अब पार्टी की नजर वर्ष 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने पर है। हालांकि इस बार चुनावी मुकाबले में विपक्षी दलों की सक्रियता और बदलते राजनीतिक समीकरण भाजपा के सामने नई चुनौतियां पेश कर सकते हैं।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को अपेक्षा के अनुरूप सफलता नहीं मिली थी। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा को चुनौती दी थी। इसके बाद से पार्टी संगठन के भीतर चुनावी रणनीति और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। माना जा रहा है कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पिछले चुनावों के अनुभवों से सबक लेते हुए आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।

भाजपा नेतृत्व का विशेष ध्यान बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रहने की संभावना है। पार्टी का मानना रहा है कि चुनावी सफलता में बूथ प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बूथ समितियों को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति पर जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा होगी।

बैठक में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन वितरण और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों तक संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। पार्टी नेताओं का प्रयास होगा कि सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच प्रमुखता से रखा जाए और विभिन्न वर्गों के मतदाताओं का समर्थन हासिल किया जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा के शामिल होने का कार्यक्रम है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ क्षेत्रीय एवं जिला स्तर के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।

कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी की जाएगी। जिन क्षेत्रों में संगठन कमजोर है, वहां सक्रियता बढ़ाने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के उपायों पर विचार हो सकता है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जातीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों के बीच संपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी महत्वपूर्ण रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे प्रदेश सरकार के विकास कार्यों, कानून व्यवस्था, निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी उपलब्धियों को सामने रख सकते हैं। इसके साथ ही वे कार्यकर्ताओं को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट होकर काम करने का संदेश दे सकते हैं। भाजपा सरकार की योजनाओं और संगठन की चुनावी तैयारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना भी इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य होगा।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की तैयारियों को लेकर गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की मौजूदगी में पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, जिम्मेदारियों और विभिन्न सत्रों की तैयारियों की समीक्षा की गई। पार्टी नेतृत्व ने बैठक को अनुशासित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

राजनीतिक दृष्टि से भाजपा की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दल भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रही है। ऐसे में भाजपा के सामने अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष की राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने की जिम्मेदारी भी होगी।

फिलहाल सबकी नजरें अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक से प्रदेश भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए स्पष्ट दिशा मिलेगी। पार्टी अब संगठनात्मक मजबूती, मतदाता संपर्क और सरकार की योजनाओं के प्रचार के सहारे वर्ष 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने का प्रयास करेगी।

Next Story