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उत्तर प्रदेश
राहुल गांधी की रैली के जवाब में BJP की पदयात्रा, नितिन नवीन संभालेंगे मोर्चा
Rajeshwari Nishad
28 Oct 2026 5:18 PM IST

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उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला तेज होता दिखाई दे रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा ने बड़ा जनसंपर्क अभियान तैयार किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन की ओर से एक नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली के दिन ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बरेली में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। भाजपा इस अभियान को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से चला रही है। इसके बाद तीन से पांच नवंबर के बीच उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। पांच नवंबर को गाजियाबाद में भी भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी ने इन कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी हैं।
एक नवंबर को बरेली में नितिन नवीन की बड़ी पदयात्रा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एक नवंबर को उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंचेंगे। यहां वह पार्टी के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा की अगुवाई करेंगे।इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता के बीच देने की तैयारी कर रही है।पार्टी के स्थानीय नेताओं के अनुसार, इस कार्यक्रम में बरेली सहित सात संगठनात्मक जिलों से कार्यकर्ता शामिल होंगे।पदयात्रा के लिए लगभग 30 से 40 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि, यह आयोजकों का अनुमान है और वास्तविक उपस्थिति कार्यक्रम के दिन ही स्पष्ट होगी।इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संभावित मौजूदगी की भी चर्चा है, लेकिन उनकी भागीदारी की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
सात जिलों के कार्यकर्ताओं को बुलाने की तैयारी
बरेली में आयोजित होने वाली पदयात्रा के लिए भाजपा ने व्यापक स्तर पर संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं।कार्यक्रम में बरेली जिला, बरेली महानगर, आंवला, शाहजहांपुर जिला, शाहजहांपुर महानगर, पीलीभीत और बदायूं से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को बुलाने की योजना है।ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष पूरन लाल लोधी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
पदयात्रा के मार्ग को लेकर भी चर्चा की गई है। संभावित मार्गों में बरेली इंटर कॉलेज से रोडवेज होते हुए पटेल चौक, शहीद पंकज अरोड़ा चौक से छत्रपति शिवाजी चौक और बरेली क्लब से पटेल चौक तक के रास्ते शामिल हैं।पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
राहुल गांधी की रैली के जवाब में भाजपा का अभियान
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी इसे मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है।इसी को लेकर विपक्षी गठबंधन ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई है।
दूसरी ओर भाजपा विपक्ष के इन आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बता रही है।भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है और इस मुद्दे पर जनता को सही जानकारी दी जानी चाहिए।इसी उद्देश्य से पार्टी ने देशभर में पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है।हालांकि, एसआईआर से संबंधित आरोपों की वास्तविक स्थिति का आकलन चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड, दावों और आपत्तियों के निपटारे तथा न्यायिक निर्णयों के आधार पर ही किया जा सकता है।
पांच नवंबर को गाजियाबाद में निकलेगी पदयात्रा
बरेली के बाद भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी।पार्टी की योजना के अनुसार, पांच नवंबर को गाजियाबाद में पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा निकाली जाएगी।इसमें संगठन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।भाजपा इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची पुनरीक्षण और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखेगी।गाजियाबाद में होने वाली पदयात्रा को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि इन कार्यक्रमों के जरिए अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों तक पहुंच बनाई जाए।
लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और कानपुर में भी कार्यक्रम
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है।उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, अवध क्षेत्र की पदयात्रा तीन नवंबर को लखनऊ में आयोजित होगी।चार नवंबर को प्रयागराज में काशी क्षेत्र, गोरखपुर में गोरखपुर क्षेत्र और कानपुर में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की पदयात्राएं प्रस्तावित हैं।पांच नवंबर को गाजियाबाद में पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा होगी।पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने इन कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की है।इन आयोजनों में भाजपा के विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।पार्टी ने कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क और कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
मतदाता सूची पर जनता को अपना पक्ष बताएगी भाजपा
भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर से की है। इसे पांच नवंबर तक देश के विभिन्न हिस्सों में चलाने की योजना है।पार्टी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण, संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर जनता को जानकारी देना है।राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस अभियान की कमान संभाली है।इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी अलग-अलग राज्यों में कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है।भाजपा विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में नागरिक संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की भी तैयारी कर रही है।इन बैठकों में एसआईआर, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर चर्चा करने की योजना है।
कांग्रेस भी चला रही 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान
दूसरी ओर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों को लेकर अपना अभियान तेज किया है।गाजियाबाद में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने पार्टी के 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत जनसंपर्क कार्यक्रमों की जानकारी दी थी।उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।कांग्रेस का कहना है कि वह घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करेगी और लोगों को उनके मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी।पार्टी ने इसके लिए कार्यकर्ताओं को 'वोट रक्षक' के रूप में जिम्मेदारियां देने की बात भी कही है।कांग्रेस की योजना में जनसभाएं, चौपाल और स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।भाजपा की पदयात्राओं और कांग्रेस की प्रस्तावित रैली से यह स्पष्ट है कि मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा इन आरोपों का जवाब देने के लिए जनसंपर्क अभियान चला रही है।अब एक नवंबर को दिल्ली में विपक्ष की रैली और उसी दिन बरेली में भाजपा की पदयात्रा पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।इसके बाद पांच नवंबर को गाजियाबाद में प्रस्तावित पदयात्रा भी महत्वपूर्ण होगी।
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