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उत्तर प्रदेश
UP विधानसभा चुनाव से पहले BJP ने तेज की संगठनात्मक तैयारी
Ratna Netam
30 Sept 2026 4:39 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह में पार्टी कई अहम बैठकें करने जा रही है, जिनमें संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर की तैयारी, आगामी राजनीतिक कार्यक्रम और विधानसभा चुनाव को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े 1 और 2 अक्टूबर को लखनऊ में रहेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा सह-प्रभारियों के साथ विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
1 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली प्रमुख संगठनात्मक बैठक में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सभी सह-प्रभारी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के साथ राज्य में होने वाले आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी।
भाजपा का फोकस उत्तर प्रदेश में संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर रहेगा। पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर की संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। बैठक में हाल के कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ यह भी देखा जा सकता है कि जिन क्षेत्रों में संगठन को अतिरिक्त सक्रियता की जरूरत है, वहां किस तरह काम आगे बढ़ाया जाए।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जमीनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा भी चुनाव से पहले अपने संगठन को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल के दिनों में विनोद तावड़े ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया है और कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में जुटने को कहा है।
पार्टी के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम बूथ स्तर की संरचना को मजबूत बनाए रखना होगा। भाजपा पिछले कई चुनावों में बूथ प्रबंधन को अपनी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती रही है। आगामी बैठकों में भी बूथ समितियों की सक्रियता, मतदाताओं से संपर्क, स्थानीय मुद्दों की पहचान और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा पार्टी संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों को उनके क्षेत्रों में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। चुनाव से पहले संगठन की तैयारियों की नियमित समीक्षा भी भाजपा की रणनीति का हिस्सा रहने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय समीकरणों के अनुसार संगठनात्मक रणनीति तैयार करना भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होगा। पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।
हाल में भाजपा ने कुछ ऐसे बूथों और क्षेत्रों पर अतिरिक्त ध्यान देने की रणनीति पर भी चर्चा की है, जहां पार्टी को संगठनात्मक रूप से ज्यादा मेहनत की जरूरत महसूस हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी ने हजारों बूथों की पहचान कर वहां संपर्क और संगठन मजबूत करने की योजना बनाई है। यह तैयारी विपक्षी दलों की सामाजिक और राजनीतिक रणनीतियों के जवाब में भाजपा की व्यापक चुनावी कवायद का हिस्सा है।
1 अक्टूबर की बैठक में हाल में हुई संगठनात्मक गतिविधियों पर फॉलो-अप भी किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश करेगा कि पहले तय किए गए कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों पर जिला और क्षेत्र स्तर पर कितना काम हुआ है। इसके बाद आगामी महीनों के लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया जा सकता है।
विनोद तावड़े 2 अक्टूबर को भी लखनऊ में रहेंगे। गांधी जयंती के मौके पर उनके स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेने की संभावना है। इसके साथ ही वह पार्टी के अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकते हैं। इस दौरान प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
भाजपा की तैयारियां ऐसे समय तेज हुई हैं जब उत्तर प्रदेश की दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी 2027 को लेकर सक्रिय हो रही हैं। समाजवादी पार्टी अपने संगठन और चुनावी कार्यक्रमों पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस भी राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी की बात कर रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
भाजपा के भीतर भी संगठनात्मक स्तर पर हाल में बदलाव और नियुक्तियां हुई हैं। धर्मपाल सिंह को प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी फिर दी गई है। वह 2022 से इस पद पर हैं और राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पार्टी का उद्देश्य चुनाव से काफी पहले संगठन की कमजोरियों की पहचान करना और उन्हें दूर करना है। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं के दौरे, क्षेत्रीय बैठकें, बूथ स्तर पर संपर्क और अलग-अलग सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने जैसे कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं।
अक्टूबर की शुरुआत में होने वाली बैठकों को इसी बड़े संगठनात्मक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल इन बैठकों में उम्मीदवारों या सीटों को लेकर कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है। मुख्य फोकस संगठन की तैयारी, राजनीतिक कार्यक्रमों की समीक्षा और 2027 के लिए जमीनी ढांचे को मजबूत करने पर रहने की उम्मीद है।
1 और 2 अक्टूबर को विनोद तावड़े की लखनऊ मौजूदगी के साथ उत्तर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठकें पार्टी की आगामी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। इन बैठकों के बाद संगठन को अगले चरण के कार्यक्रम और जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है। चुनाव से पहले भाजपा का जोर फिलहाल संगठनात्मक समन्वय, बूथ स्तर की सक्रियता और राज्यभर में अपने नेटवर्क को मजबूत करने पर है।
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