उत्तर प्रदेश

चुनावी मोड में भाजपा, 501 प्रभारियों के लिए अनुभवी नेताओं पर दांव

Ashish verma
12 July 2026 9:16 PM IST
चुनावी मोड में भाजपा, 501 प्रभारियों के लिए अनुभवी नेताओं पर दांव
x

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी अब चुनावी रणनीति में अनुभवी नेताओं और पुराने कार्यकर्ताओं को अहम भूमिका देने की तैयारी कर रही है। भाजपा का फोकस उन पूर्व जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों पर है, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया है।

भाजपा की नई रणनीति के तहत पार्टी ऐसे नेताओं से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्हें संगठन की नींव बताते हुए नए कार्यकर्ताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देने की तैयारी है। पार्टी का मानना है कि पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं के अनुभव का लाभ चुनावी रणनीति को मजबूत बनाने में मिल सकता है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने जिलाध्यक्षों से ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की जानकारी मांगी है, जो कभी संगठन या सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, लेकिन वर्तमान समय में सक्रिय भूमिका से दूर हैं। ऐसे नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी देकर संगठन में सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही है।

भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए 501 नए प्रभारियों की तलाश भी कर रही है। इन प्रभारियों की भूमिका चुनावी क्षेत्रों में संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाने की होगी। पार्टी चाहती है कि जिम्मेदारी ऐसे लोगों को दी जाए, जिनके पास क्षेत्रीय अनुभव और संगठन की समझ हो।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में लखनऊ प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं को पुराने नेताओं और पदाधिकारियों से संपर्क बनाए रखने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए अनुभवी चेहरों से मार्गदर्शन लेना जरूरी है।

नितिन नवीन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से भी मुलाकात की और उनसे संगठन को मजबूत करने के लिए सुझाव लिए। भाजपा का मानना है कि पुराने नेताओं ने उस दौर में संगठन को खड़ा किया, जब पार्टी के पास सीमित संसाधन थे और प्रदेश में सत्ता भी नहीं थी।

पार्टी की योजना है कि पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए। इसके जरिए संगठन में अनुभव और ऊर्जा का संतुलन तैयार किया जा सकेगा। भाजपा को उम्मीद है कि अनुभवी नेताओं की सक्रिय भागीदारी से चुनावी तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की यह रणनीति पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ने और संगठन के आधार को मजबूत करने की कोशिश है। चुनाव के समय बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क तैयार करने में अनुभवी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

भाजपा आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करेगी। प्रवास पर जाने वाले पदाधिकारी अपने क्षेत्रों में पुराने नेताओं से मुलाकात करेंगे और इसकी रिपोर्ट संगठन नेतृत्व को भेजेंगे।

इस रणनीति के जरिए पार्टी एक ओर जहां पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का संदेश देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर नए कार्यकर्ताओं को संगठन की परंपरा और अनुभव से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

Next Story