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Mission 2027 की तैयारी में BJP, बूथ अध्यक्षों की सक्रियता परखेगी पार्टी

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए संगठन स्तर पर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पार्टी अब सीधे बूथ स्तर की तैयारियों को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। इसी कड़ी में बीजेपी 22 जुलाई को प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एक साथ बूथ सम्मेलन आयोजित करने जा रही है।
इन सम्मेलनों के जरिए पार्टी अपने बूथ अध्यक्षों की सक्रियता, संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों का आकलन करेगी। बीजेपी का मानना है कि चुनाव में जीत के लिए बूथ स्तर का संगठन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए चुनावी रणनीति तैयार करने से पहले पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर बूथ पर संगठन कितना मजबूत और सक्रिय है।
प्रस्तावित बूथ सम्मेलनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ ही प्रदेश सरकार के सभी मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। पार्टी नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के साथ ही बूथ स्तर पर जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट संदेश देने की तैयारी है।
सम्मेलनों को सफल और व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने की जिम्मेदारी बीजेपी ने प्रदेश संगठन के नेताओं को सौंपी है। पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल को इन कार्यक्रमों का संयोजक बनाया गया है। वहीं प्रदेश मंत्री शिवभूषण सिंह और राहुल वाल्मीकि को सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
बीजेपी की योजना है कि चुनावी रणनीति बनाने से पहले मतदान की सबसे छोटी लेकिन सबसे अहम इकाई यानी बूथ की स्थिति को समझा जाए। पार्टी यह जानकारी जुटाएगी कि बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्रों में कितने सक्रिय हैं और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए किस स्तर पर काम कर रहे हैं।
सम्मेलनों के दौरान बूथ अध्यक्षों से संगठन की स्थिति, स्थानीय मुद्दों और चुनावी तैयारियों को लेकर फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके अलावा पार्टी यह भी देखेगी कि किन क्षेत्रों में संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन बूथों पर अध्यक्षों की सक्रियता कम पाई जाएगी, वहां पार्टी सुधार की रणनीति अपनाएगी। जरूरत पड़ने पर निष्क्रिय पदाधिकारियों को बदलने या उन्हें ज्यादा सक्रिय करने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
बीजेपी का पूरा जोर चुनाव से पहले अपने संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने पर है। पार्टी बूथ स्तर पर मतदाताओं से संपर्क, सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बूथ प्रबंधन को चुनावी सफलता का अहम आधार माना जाता है। बीजेपी पहले भी अपने मजबूत बूथ नेटवर्क को चुनावी जीत का बड़ा कारण बताती रही है। ऐसे में 403 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले ये बूथ सम्मेलन आगामी चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जा रहे हैं।





