उत्तर प्रदेश

बलिया में मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान

SHIDDHANT
29 Nov 2025 7:57 PM IST
बलिया में मंत्री संजय निषाद का बड़ा बयान
x
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने शनिवार को बलिया में एक जनसभा के दौरान बड़ा और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, न कि शरीयत से। अगर कोई भारत के संवैधानिक ढांचे पर सवाल उठाता है, तो अपराध की शुरुआत वहीं से हो जाती है। मंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई गर्मी पैदा कर दी है। संजय निषाद ने कहा, “अगर हमारे देश की संवैधानिक व्यवस्था पर कोई सवाल उठाता है, तो समझिए कि पहला अपराध वहीं से शुरू होता है। यह देश संविधान से चलता है, शरीयत से नहीं। आज कोई संविधान पर उंगली उठाता है, तो वह गलत है। कौन दोषी है, यह कोर्ट तय करती है। कौन-सा काम अपराध है, यह भारतीय कानून बताता है। ऐसे लोगों को जेल भेजा जाता है और उन्हें जमानत भी नहीं मिलती।”
मंत्री के इस बयान को हाल के दिनों में देश में चल रही कई संवैधानिक और धार्मिक बहसों से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और देश में हर व्यक्ति के लिए वही कानून लागू होता है जो संविधान में निर्धारित है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ही देश की बुनियाद है और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इसका सम्मान अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक मुद्दों के नाम पर देश की न्यायिक व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसे प्रयास किसी भी सूरत में सफल नहीं होंगे।
विपक्षी दलों ने मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस तरह के बयानों से समाज में अनावश्यक ध्रुवीकरण पैदा होता है और सरकार को ऐसे वक्तव्यों से बचना चाहिए। हालांकि, संजय निषाद के समर्थकों का कहना है कि मंत्री ने सिर्फ भारतीय संविधान और कानून की सर्वोच्चता की बात दोहराई है, जिससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे लेकर दो खेमों में बंट गए हैं। एक वर्ग इसे संविधान की ताकत को रेखांकित करने वाला बयान बता रहा है, तो दूसरा इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला कदम मान रहा है। फिलहाल बयान को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
Next Story