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उत्तर प्रदेश
आजम खान को जमानत के बाद बड़ा झटका, रामपुर जेल के बाहर ED का एक्शन
Ratna Netam
31 Oct 2026 9:00 PM IST

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रामपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया। आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रामपुर जिला जेल से रिहा किया गया था, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। बाद की मीडिया रिपोर्टों में उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।यह कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धनशोधन मामले में की गई है। आजम खान की रिहाई की खबर से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल था, लेकिन ईडी की कार्रवाई के बाद घटनाक्रम अचानक बदल गया। जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की।
जेल से बाहर आते ही ईडी ने लिया हिरासत में
शनिवार शाम रामपुर जिला जेल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात किए गए थे। ईडी की टीम पहले से ही जेल परिसर के बाहर मौजूद थी। आजम खान के बाहर आते ही अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।रिपोर्टों के अनुसार, ईडी की टीम कई वाहनों और केंद्रीय सुरक्षाबलों के साथ पहुंची थी। आजम खान को हिरासत में लेने के दौरान जेल के बाहर काफी हलचल रही। वहां मौजूद समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध किया।इसके बाद ईडी की टीम आजम खान को अपने साथ लेकर रवाना हो गई। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे।आजम खान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब उन्हें लंबे समय बाद जेल से बाहर आने का अवसर मिला था।
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी जमानत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों की रिहाई के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं।शनिवार को आजम खान और अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल से बाहर आए। हालांकि, आजम खान की रिहाई ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी और ईडी ने उन्हें एक अलग मामले में हिरासत में ले लिया।अब्दुल्ला आजम को इस कार्रवाई में हिरासत में लिए जाने की सूचना नहीं है। वह जेल से रिहा होने के बाद अपने घर चले गए।इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि एक मामले में जमानत मिलने के बावजूद किसी व्यक्ति के खिलाफ दूसरे मामले में जांच या गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ा है मनी लॉन्ड्रिंग मामला
ईडी की यह कार्रवाई रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में हुई हैजांच एजेंसी के अनुसार, विश्वविद्यालय के लिए जमीन हासिल करने और उसके निर्माण में धन के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं।ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न एफआईआर के आधार पर धनशोधन की जांच शुरू की थी। इन मामलों में किसानों की जमीन कथित रूप से जबरन लेने, सरकारी संसाधनों का अनुचित इस्तेमाल करने और सरकारी परियोजनाओं से संबंधित धन विश्वविद्यालय तक पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं।हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं। इनकी अंतिम कानूनी सत्यता अदालत की कार्यवाही और साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होगी।
426 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क
आजम खान के खिलाफ ताजा कार्रवाई से कुछ दिन पहले ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी जमीन और इमारतों पर भी बड़ी कार्रवाई की थी।28 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, ईडी ने विश्वविद्यालय से संबंधित करीब 426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। जांच एजेंसी ने इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये बताया था।ईडी का आरोप है कि कुछ सरकारी परियोजनाओं के लिए आवंटित धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। एजेंसी ने कुछ ठेकेदारों से संबंधित वित्तीय लेनदेन और ट्रस्ट को मिले चंदे पर भी सवाल उठाए हैं।इसके अलावा जांच में सरकारी धन से विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण कार्य कराए जाने के आरोप भी शामिल हैं।संपत्ति कुर्क करना जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आरोप अपने आप सिद्ध नहीं हो जाते।
गिरफ्तारी के बाद आजम खान ने जताई नाराजगी
ईडी की कार्रवाई के बाद आजम खान ने नाराजगी व्यक्त की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कानून-व्यवस्था और अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा, "कानून का वजूद ही खत्म हो चुका है।"आजम खान ने अपने खिलाफ कार्रवाई को लेकर धार्मिक भेदभाव का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय और स्कूल बनवाए हैं।उनके ये बयान व्यक्तिगत आरोप और प्रतिक्रिया हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई की वैधता तथा मामले के गुण-दोष का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
समाजवादी पार्टी ने लगाया एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।उन्होंने कहा कि आजम खान को करीब 11 महीने बाद जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।वहीं भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आजम खान के खिलाफ लगे आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बीच यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेशी की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईडी आजम खान को रविवार, 1 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।अदालत में जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई का आधार प्रस्तुत कर सकती है और आवश्यकता होने पर पूछताछ के लिए हिरासत की मांग कर सकती है।आगे की हिरासत, जमानत या अन्य कानूनी राहत से संबंधित निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।फिलहाल आजम खान की गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ ईडी जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है।आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसी की ओर से पेश किए जाने वाले साक्ष्य इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
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