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UP, के बागबानों के लिए बड़ी सौगात, आम्रपाली आम का हुआ अंतरराष्ट्रीय निर्यात

Lucknow लखनऊ : भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए ऐतिहासिक सीईटीए (CETA) व्यापार समझौते के प्रभावी होने के बाद उत्तर प्रदेश के कृषि और उद्यान क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब लखनऊ और मलिहाबाद के प्रसिद्ध आम्रपाली आम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने जा रही है। शनिवार को उद्यान निदेशालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1200 किलोग्राम आम्रपाली आम की विशेष निर्यात खेप को लंदन के लिए रवाना किया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (उद्यान) बीएल मीणा ने निर्यात खेप वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के फल और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस पहल से प्रदेश के किसानों और बागबानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार किसानों और बागबानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में तैयार होने वाले उच्च गुणवत्ता वाले फल और अन्य उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों में पहचान मिले।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के आम अपनी गुणवत्ता, स्वाद और खास पहचान के लिए पहले से ही प्रसिद्ध हैं। मलिहाबाद का दशहरी आम विश्वभर में अपनी अलग पहचान रखता है, वहीं अब आम्रपाली आम को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिल रही है। लंदन के प्रीमियम बाजारों में पहुंचने से इस किस्म के आम की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आम्रपाली आम की इस खेप को विशेष गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के बाद तैयार किया गया है। निर्यात के लिए फलों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे विदेशी बाजारों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की विश्वसनीयता बनी रहे।
सीईटीए व्यापार समझौते के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस समझौते से भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान और बागबान आम की खेती से जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच बढ़ने से उन्हें अपनी फसल के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि उनकी उपज को वैश्विक स्तर पर पहचान मिले।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में उत्तर प्रदेश से अन्य उद्यान उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
आम्रपाली आम की लंदन के लिए रवाना हुई यह खेप उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल प्रदेश के आम की वैश्विक पहचान मजबूत होगी, बल्कि हजारों बागबानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की नई उम्मीद भी जगेगी।





