उत्तर प्रदेश

मेरठ ट्रेजरी के स्टांप में बड़ा फर्जीवाड़ा, 608 वाद हुए दायर

Admindelhi1
26 Feb 2024 5:48 AM GMT
मेरठ ट्रेजरी के स्टांप में बड़ा फर्जीवाड़ा, 608 वाद हुए दायर
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सरकार को करोड़ों रुपये का लगा चूना

मेरठ: मेरठ ट्रेजरी के फर्जी स्टांप से सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लग गया है. निबंधन विभाग की अब तक की जांच के आधार पर 608 मामले पकड़ में आ चुके हैं. स्टांप एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि दो मामलों में सिविल लाइन थाने में पूर्व में ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है.

निबंधन विभाग में बैनामों में बड़े पैमाने पर ट्रेजरी के नाम पर फर्जी स्टांप का मामला पकड़ा है. पहला मामला सितंबर में ही पकड़ में आया था. तब सब रजिस्ट्रार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था. उसके बाद शासन की जानकारी में मामला लाया गया था. शासन ने वर्ष से लेकर तक के बैनामों में जांच का आदेश दिया था. तीन साल के बैनामों की जांच में पाया गया है कि 608 बैनामों में फर्जी स्टांप का प्रयोग किया गया. जांच के लिए उन बैनामों में लगे स्टांप को जब ट्रेजरी में भेजा गया तो रिपोर्ट दी गई कि उक्त स्टांप ट्रेजरी से जारी नहीं हुआ.

इस आधार पर इन सभी 608 मामलों में तक स्टांप एक्ट का मामला दर्ज किया गया है. अन्य बैनामों की जांच की जा रही है.अब निबंधन विभाग ने स्टांप के बिना कोषागार के सत्यापन के बैनामे पर रोक लगा दी है. ट्रेजरी के स्टांप के साथ बैनामा आने पर अब पहले जांच की जाएगी, फिर बैनामा होगा.

5 से 7 करोड़ का है मामला अधिकारियों के अनुसार मेरठ के 608 बैनामों के फर्जी स्टांप से करीब पांच से सात करोड़ स्टांप की गड़बड़ी का मामला सामने आया है. उधर, उधर, मंडी परिषद की दुकानों में भी स्टांप चोरी की आशंका है. एआईजी स्टांप ने मंडी सचिव से किरायेदारी से संबंधित सभी दुकानों का ब्योरा उपलब्ध को कहा है.

फर्जी स्टांप के मामले में जांच की कार्रवाई जारी है. शीघ्र ही ठोस नतीजे पर पहुंचने के बाद कार्रवाई की जाएगी. मामला गंभीर है. इस कारण विस्तृत जांच कराई जा रही है- दीपक मीणा, डीएम

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