उत्तर प्रदेश

16 साल पुराने हत्याकांड में जज दिवाकर का बड़ा निर्णय

Saba Naaz
7 July 2026 5:13 PM IST
16 साल पुराने हत्याकांड में जज दिवाकर का बड़ा निर्णय
x

मुजफ्फरनगर। ज्ञानवापी प्रकरण में अपने फैसले को लेकर देशभर में चर्चा में आए न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा का कारण उनके द्वारा मुजफ्फरनगर में हत्या के मामलों में सुनाए गए लगातार सख्त फैसले हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान उन्होंने अलग-अलग हत्या के मामलों में 13 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। सबसे ताजा मामले में 16 साल पुराने किसान हत्याकांड में अदालत ने पूर्व प्रधान समेत दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय माना जा रहा है।

तीन महीने में छह बड़े मामलों में सुनाए फैसले

जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल से 6 जुलाई 2026 के बीच न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने कई गंभीर हत्या मामलों की सुनवाई करते हुए दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इनमें अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड, शेखर हत्याकांड, राजेश देवी हत्याकांड, राजेंद्र सैनी हत्याकांड, होमगार्ड रतिराम हत्याकांड और राजबीर सिंह हत्याकांड जैसे मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में कुल 13 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई। लगातार आए इन फैसलों के बाद अपराध के प्रति न्यायपालिका के सख्त रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

16 साल पुराने किसान हत्याकांड में फैसला

ताजा मामला मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव का है। वर्ष 2010 में प्रधानी चुनाव की रंजिश के चलते किसान राजबीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि खेत पर काम करते समय उन्हें गोली मारी गई थी। घटना के बाद मृतक के बेटे प्रदीप ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच के दौरान गांव के सहदेव, प्रमोद, अमित और विपिन शर्मा के नाम सामने आए। मामले की सुनवाई के दौरान अमित और विपिन शर्मा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। वहीं, अदालत ने पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार और सहदेव उर्फ पप्पू को हत्या का दोषी पाया। दोनों को मृत्युदंड के साथ एक-एक लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

अभियोजन पक्ष ने बताया न्याय की जीत

मुजफ्फरनगर के जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) राजीव शर्मा ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से पीड़ित परिवारों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जघन्य अपराधों में कठोर सजा मिलने से समाज में कानून का डर बना रहता है और अपराध करने वालों को स्पष्ट संदेश जाता है कि गंभीर अपराधों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फांसी की सजा के बाद भी बाकी है कानूनी प्रक्रिया

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, निचली अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा अंतिम नहीं होती। दोषियों को इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार होता है। भारतीय कानून के तहत फांसी की सजा पर अमल से पहले उच्च न्यायालय की पुष्टि जरूरी होती है। इसके बाद भी दोषियों के पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील और संवैधानिक उपचारों के विकल्प मौजूद रहते हैं।

लगातार फैसलों से फिर चर्चा में आए जज दिवाकर

न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर पहले ही ज्ञानवापी प्रकरण में दिए गए फैसले के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रह चुके हैं। अब कम समय में कई हत्या मामलों में मृत्युदंड सुनाने के कारण वे फिर सुर्खियों में हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत हर मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और कानून के आधार पर फैसला करती है। हालांकि, इतने कम समय में लगातार आए मृत्युदंड के फैसलों ने न्यायिक और सामाजिक स्तर पर विशेष ध्यान आकर्षित किया है।

Tagsजज रवि कुमार दिवाकरज्ञानवापी केसमुजफ्फरनगर न्यूजUP Newsउत्तर प्रदेश खबरमृत्युदंड फैसलाफांसी की सजाकिसान हत्याकांड16 साल पुराना मामलाकोर्ट का फैसलान्यायिक फैसलाCrime NewsUP Crime Newsअदालत का बड़ा फैसलाJudge Ravi Kumar Diwakar Newsज्ञानवापी केस वाले जजमुजफ्फरनगर कोर्ट फैसला13 दोषियों को फांसी की सजाकिसान हत्याकांड फैसला16 साल पुराने हत्या मामले में फैसलाUP Crime News in Hindiउत्तर प्रदेश लेटेस्ट न्यूजDeath Sentence CaseCourt Verdict HindiMurder Case VerdictJज रवि कुमार दिवाकर फैसलामुजफ्फरनगर हत्या केसअदालत का बड़ा निर्णयLatest UP NewsCrime News Hindiजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story