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Ram temple में स्टाफ भर्ती को लेकर बड़ा बदलाव, ट्रस्ट ने बदली नीति

Ayodhya अयोध्या : राम मंदिर दान प्रकरण में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई नया आउटसोर्स कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। ट्रस्ट पूरे मामले में सतर्कता बरतते हुए अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई थी। उस समय श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। इन कर्मचारियों को मुख्य रूप से हाउसकीपिंग और अन्य सहायक कार्यों के लिए लगाया गया था।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के सूत्रों के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का प्राथमिक बैंक खाता एसबीआई शाखा में संचालित होता है। दान प्रकरण की जांच के दौरान जांच एजेंसियां बैंक से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। इसमें यह देखा जा रहा है कि कहीं बैंक अधिकारियों या अन्य संबंधित लोगों की कोई भूमिका तो नहीं रही।
राम मंदिर दान प्रकरण में आरोप है कि कुछ लोगों ने मंदिर में दान और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में अनियमितता करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट ने अपनी आंतरिक व्यवस्थाओं और कर्मचारियों से जुड़े नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट अब कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अधिक सावधानी बरत रहा है। किसी भी नए आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर प्रशासन से जुड़े कार्यों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, जांच एजेंसियां दान प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। बैंक खातों, लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी। फिलहाल ट्रस्ट की ओर से नई आउटसोर्स नियुक्तियों पर रोक जैसी स्थिति बनी हुई है और आगे की प्रक्रिया जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।





