उत्तर प्रदेश

कोडीनयुक्त कफ सीरप सिंडिकेट पर बड़ा एक्शन दो तस्कर गिरफ्तार 11 हजार शीशियां बरामद

Kavita2
22 Sept 2026 3:46 PM IST
कोडीनयुक्त कफ सीरप सिंडिकेट पर बड़ा एक्शन दो तस्कर गिरफ्तार 11 हजार शीशियां बरामद
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प्रयागराज: कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी से जुड़े सिंडिकेट के खिलाफ अतरसुइया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सिंडिकेट से जुड़े दो और कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 11 हजार शीशी अवैध कफ सीरप बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद कफ सीरप की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सीरप कहां से मंगाई गई थी और इसकी आपूर्ति किन इलाकों में की जानी थी। इसके साथ ही सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों, कारोबार से जुड़ी फर्मों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

11 हजार शीशी कफ सीरप बरामद

पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 11 हजार शीशी कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप बरामद होने की जानकारी है। इतनी बड़ी मात्रा में कफ सीरप मिलने के बाद पुलिस इसे संगठित नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।

बरामद माल की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि कफ सीरप की वास्तविक कीमत, उसके बैच नंबर, निर्माता कंपनी और सप्लाई से संबंधित विस्तृत जानकारी पुलिस की जांच के बाद और स्पष्ट होगी।

दो तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अतरसुइया पुलिस ने मामले में दो और कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य आरोपियों के जरिए सिंडिकेट की पूरी कड़ी तक पहुंचना है।

जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपी केवल कफ सीरप की सप्लाई का काम करते थे या पूरे नेटवर्क में उनकी कोई बड़ी भूमिका थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि इनके संपर्क में कितने लोग थे और सप्लाई चेन कहां तक फैली हुई थी।

नेटवर्क में शामिल लोगों की तलाश

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। मामले में कुछ फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।

कफ सीरप की खरीद और बिक्री से संबंधित बिल, फर्मों के दस्तावेज, बैंक लेनदेन और मोबाइल संपर्क जैसी जानकारियां जांच में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध कफ सीरप की खेप किस माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जाती थी।

कहां होनी थी सप्लाई इसकी जांच

11 हजार शीशी कफ सीरप की बरामदगी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संभावित खरीदारों और सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि सिंडिकेट स्थानीय स्तर पर काम कर रहा था या इसका नेटवर्क दूसरे जिलों और राज्यों तक फैला हुआ था।

फिलहाल पुलिस की ओर से नेटवर्क के विस्तार को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

फर्मों की भूमिका भी जांच के दायरे में

इस मामले में कफ सीरप की खरीद और सप्लाई से जुड़ी फर्मों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सीरप आरोपियों तक कैसे पहुंची।

जांच में फर्मों के दस्तावेज और माल की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड अहम हो सकता है। यदि किसी फर्म के जरिए अवैध तरीके से सप्लाई किए जाने के प्रमाण मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

पुलिस अभी किसी फर्म या अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

आर्थिक लेनदेन की भी हो सकती है जांच

इतनी बड़ी मात्रा में कफ सीरप और करोड़ों रुपये की अनुमानित कीमत को देखते हुए इससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस यह पता लगा सकती है कि कफ सीरप की खरीद के लिए भुगतान किस माध्यम से किया जाता था। नकद लेनदेन के अलावा बैंक खातों और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

आर्थिक लेनदेन की कड़ियों से सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

आरोपियों से गहन पूछताछ जारी

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस की पूछताछ जारी है। उनसे कफ सीरप के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क, ग्राहकों, परिवहन और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का संचालन कब से किया जा रहा था और अब तक कितनी मात्रा में कफ सीरप की अवैध सप्लाई की जा चुकी है।

पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे और गिरफ्तारी या बरामदगी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध बिक्री पर सख्ती

कोडीन एक नियंत्रित औषधीय पदार्थ है और इसका इस्तेमाल निर्धारित चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है। इससे जुड़ी दवाओं की बिक्री और वितरण पर लागू नियमों का पालन जरूरी होता है।

ऐसी दवाओं की अवैध बिक्री या गैरकानूनी तरीके से सप्लाई सामने आने पर पुलिस और संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकते हैं। मौजूदा मामले में भी पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद कफ सीरप को किस उद्देश्य से रखा गया था और इसकी आपूर्ति कैसे की जानी थी।

शाम चार बजे डीसीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

मामले की विस्तृत जानकारी डीसीपी सिटी सागर जैन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आने की उम्मीद है। डीसीपी सिटी मंगलवार शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई के संबंध में जानकारी देंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, बरामद कफ सीरप, नेटवर्क, फर्मों की भूमिका और पुलिस की अब तक की जांच से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।

फिलहाल अतरसुइया पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और कोडीनयुक्त कफ सीरप के कथित अवैध सिंडिकेट की अन्य कड़ियों को तलाशने में जुटी है।

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