उत्तर प्रदेश

Bareilly: टॉवर ठगी मामले में पुलिस ने गिरोह के छह सदस्य दबोचे

Admindelhi1
28 Jun 2025 5:19 PM IST
Bareilly: टॉवर ठगी मामले में पुलिस ने गिरोह के छह सदस्य दबोचे
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बरेली: लोगों को फोन कर खुद को बीएसएनएल कंपनी का अधिकारी बता कर टॉवर लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का एसओजी और बारादरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। टीम ने जगतपुर क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार की सुबह तड़के एसओजी प्रभारी सुनील कुमार शर्मा को जानकारी मिली कि फर्जी टॉवर लगाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपयों की ठगी करने वाले गिरोह के लोग बारादरी क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस पर एसओजी और बारादरी क्राइम इंस्पेक्टर अरविंद कुमार की संयुक्त टीम सक्रिय हुई। टीम ने जगतपुर स्थित 99 बीघा खाली पड़े मैदान के पास सम्राट अशोक नगर जाने वाले रास्ते से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सीओ के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान थाना बीसलपुर पीलीभीत निवासी इरफान, थाना कटरा शाहजहांपुर के रजित उर्फ रजत, फईम, लखीमपुर खीरी के वाजिद, आसिक अली और साकिर अली के रूप में हुई है, जबकि गिरोह में शामिल तहसीन मौके से फरार होने में सफल रहा। इसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, एक टैबलेट, दो प्रिन्टर व स्कैनर, छह मल्टीमीडिया मोबाइल, छह की-पैड मोबाइल, पांच सिम कार्ड, तीन डायरी, 155 लोगों की सूची, एक कार और दो बाइक बरामद हुई है।

होटल में कमरा लेकर जीते थे लग्जरी जीवन: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सभी लोग अलग-अलग होटलों में कमरा लेकर रहते थे। मौजूदा समय में मैक्स रिहाब हेल्थ केयर राजेन्द्र नगर के ऊपर कमरा लेकर रह रहे थे। सभी लोग इस कमरे में रहकर बीएसएनएल का टॉवर खेत व मकानों में लगाने के नाम पर भोले-भाले लोगों को फंसाकर फर्जी कागजात भेजकर ठगी करते थे। जो सभी लोग आपस मे बांट लेते थे। फरार साथी तहसीन बीएसएनएल का अधिकारी बनकर बात करता था।

खेतों और मकानों में सर्वे के लिए जाती थी फर्जी टीम: आरोपियों ने बताया कि जो भी उनके झांसे में आ जाता था। उसके यहां टॉवर लगाने की बातचीत हो जाती थी। इसके बाद वहां जाकर टीम उनके खेत या मकान का सर्वे करती थी। उन्हे विश्वास दिलाया जाता था कि उनका टॉवर लग जाएगा और इसी नाम पर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस के रुपये लेकर भारत संचार निगम लिमिटेड का हूबहू फर्जी कागजात दिया जाता था। टीम फिर सर्वे करती थी और टावर लगाने के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये लिया जाता था। ठगी करने के बाद आरोपी सिम निकाल कर फेंक देते थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी राजेंद्र नगर से कमरा खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में थे, लेकिन गिरफ्तार कर लिए गए। इरफान पर चार मुकदमे, रजित उर्फ रजत और वाजिद पर एक-एक, फईम पर चार, आसिक अली पर दो और साकिर अली के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हैं, जबकि, फरार आरोपी तहसीन पर सात मुकदमे दर्ज हैं।

सीओ तृतीय - पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बीएसएनएल का टॉवर लगाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं।

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