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Bareilly: फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, शातिर बदमाश गिरफ्तार

बरेली: जिले के थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करके बैंकों से धोखाधड़ी कर लोन प्राप्त करता था। इस गिरोह के अन्य सदस्य भी गिरफ्तार किए गए हैं।
क्या है मामला?
आवेदक अमित कुमार, निवासी आदर्शनगर थाना सिविल लाइन, बदायूँ के साथ धोखाधड़ी करके दो पैन कार्ड और आधार कार्ड रखना, तथा फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करना और इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से लोन प्राप्त करने के संबंध में थाना प्रेमनगर में दिनांक 10 जनवरी 2025 को मु0अ0सं0 0013/2025 दर्ज किया गया था। इस मामले में वंदना वर्मा, पत्नी अमित कुमार, निवासी डीडीपुरम, बरेली, के खिलाफ आरोप लगाए गए थे।
पूछताछ में अर्जुन रस्तोगी (34 वर्ष), निवासी बीडीए कालोनी जागृति नगर, बरेली, रेखा रस्तोगी (34 वर्ष), निवासी बीडीए कालोनी जागृति नगर, बरेली, अनिल कुमार सक्सेना (55 वर्ष), निवासी रामगंगा नगर, बरेली, रजत सक्सेना (32 वर्ष), निवासी रामगंगा नगर, बरेली, दीपेश के नाम सामने आए हैं।
इन अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई की गई। अर्जुन रस्तोगी और अनिल कुमार सक्सेना के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद क्रमशः 24 लाख और 14 लाख रुपये का लोन प्राप्त करने का मामला सामने आया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभियुक्त वंदना वर्मा, अर्जुन रस्तोगी और अनिल कुमार सक्सेना को पहले ही गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। रजत सक्सेना को 9 अप्रैल 2025 को कुदेशिया पुल से गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त रजत सक्सेना ने पूछताछ में बताया कि अर्जुन रस्तोगी उसका दोस्त था और वह लोन दिलवाने का काम करता था। उसे और उसके पिता को पैसों की आवश्यकता थी, तो अर्जुन ने उन्हें वंदना वर्मा से मिलवाया, जो फर्जी तरीके से लोन दिलवाने में मदद करती थी। वंदना ने उन्हें कालेज का आईकार्ड और पे स्लिप उपलब्ध करवाई, जिसे फर्जी तरीके से तैयार कराकर वे एसबीआई बैंक से 14 लाख रुपये का पर्सनल लोन प्राप्त करने में सफल रहे। इसके बाद, वंदना और अर्जुन को तय राशि के अनुसार पैसे दे दिए गए थे। अभियुक्त रजत सक्सेना को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
थाना प्रेमनगर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अन्य कई बैंक धोखाधड़ी मामलों में भी संलिप्त हो सकता है।





