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बरेली: ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव व आला हजरत ताजुशरिया वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक फरमान हसन ख़ान ख़ान उर्फ़ फ़रमान मियां ने एक ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि इस साल से 150 बच्चों को पूरी तरह मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें नीट, इंजीनियरिंग, यूपीएससी की तैयारी के साथ साथ कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई भी शामिल होगी। इच्छुक छात्र डेल्टा क्लासेज जनकपुरी में फॉर्म भर सकते हैं अधिक जानकारी के लिए कोचिंग के डायरेक्टर सैयद जसीम से राबता कर सकते है।
जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव व आला हजरत ताजुशरिया वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक फरमान मियां ने कहा कि यह कदम समाज के उन प्रतिभाशाली बच्चों के लिए है जो आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि जमात रज़ा ए मुस्तफा व आलाहज़रत ताजुशरिया वेलफेयर सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य मेधावी बच्चों को उनके सपनों को साकार करने का मौका देना है। उन्होंने कहा कि पैग़ंबर ए इस्लाम की सीरत हमें इंसानियत, मोहब्बत और इल्म का पैग़ाम देती है। शिक्षा वही रौशनी है जो अंधेरों को मिटाकर समाज को तरक़्क़ी और जागरूकता की राह पर ले जाती है। बच्चों को अनुभवी और योग्य शिक्षकों की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। साथ ही बच्चों को किताबें, स्टेशनरी और सभी ज़रूरी शैक्षिक संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और आदर्श नागरिक बनाना है ताकि वे मुल्क और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की तालीम पर सबसे ज़्यादा ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही रोज़गार के अवसर बढ़ते हैं, समाज में जागरूकता आती है और तरक़्क़ी के नए रास्ते खुलते हैं।अगर हर परिवार अपने बच्चों की तालीम को प्राथमिकता देगा तो पूरा समाज मज़बूत होगा और मुल्क का नाम रोशन होगा। इस नेक ऐलान का शहरभर में ज़ोरदार स्वागत किया गया। लोगों ने इस पहल को बच्चों और समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहतरीन क़दम बताया। कई लोगों का कहना है कि यह कोशिश आने वाली नस्लों के लिए नई राहें खोलेगी और गरीब बच्चों के सपनों को पंख लगाएगी। उनकी यह पहल सिर्फ़ शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का मौका देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है आने वाले समय में और भी अधिक बच्चों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। लोगों ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के मौके पर यह सराहनीय ऐलान न सिर्फ़ बरेली बल्कि पूरे देश के लिए इंसानियत का पैगाम बन गया है। अगर समाज मिलकर उस पर चले तो बच्चों का भविष्य न सिर्फ़ बेहतर होगा बल्कि पूरा समाज शिक्षा और तरक़्क़ी की नई मंज़िलें हासिल करेगा। इस मौके पर मोहम्मद जुनैद रज़ा, मोईन ख़ान, डॉ मेहंदी हसन, शमीम अहमद, हाफिज इकराम, ज़फ़र बेग, ज़हीर अहमद, ज़ुल्फ़िकार अहमद, समरान खान, शैबुद्दीन रज़वी, सूफी अबरार अहमद नूरी, कारी फैजान अशरफ, मौलाना सिमीउल्लाह सैयद अम्बर,डॉ खातिर ख़ान, हाफिज आमिर,कारी जाफ़र हाफ़िज़ शहाबुद्दीन, हाफिज अतारहमान,अब्दुल वाजिद, मुमताज़ अली, वसीम नूरी, मोहम्मद ताहिर, कमाल अंसारी, मोहम्मद हसीन आदि मौजूद रहे।





