उत्तर प्रदेश

Bareilly: चाइना कनेक्शन वाले साइबर अपराधी पकड़े गए

Admindelhi1
19 April 2026 11:55 AM IST
Bareilly: चाइना कनेक्शन वाले साइबर अपराधी पकड़े गए
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बरेली: जनपद के थाना कैंट पुलिस ने चाइना से जुड़े साइबर ठगों के गैंग का भंडाफोड़ कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। यह गैंग चाइनीज ठगों के नेपाल मे बैठे ऑपरेटर के जरिये साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। करोड़ों की ठगी को अंजाम दे चुके इस गिरोह का केरल तक नेटवर्क फैला हुआ है। चौका देने वाली बात ये है कि गैंग का चाइनीज कनेक्शन भी सामने आया है। नेटवर्क के सदस्य व्हाट्सएप के जरिए देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों मे फरीदपुर के मोहल्ला बक्सरिया निवासी शाकिब अली, करगैना के जागृतिनगर निवासी आशीष सिंह, भमोरा के गांव बल्लिया के राजकुमार, अंबेडकरनगर मे थाना अकबरपुर के सिधौली निवासी डॉ. सचेंद्र कुमार और बाराबंकी मे थाना टिकैतनगर के गांव रायपुर मजरे अगानपुर निवासी बब्लू उर्फ माधोराम शामिल है। गिरफ्तारी के दौरान यह गैंग कैंट मे कृष्णा कॉलोनी के पास स्कार्पियो कार मे बैठकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था। इसी दौरान इंस्पेक्टर संजय धीर ने टीम के साथ घेराबंदी कर पांचों अभियुक्तों को दबोच लिया।

जांच मे सामने आया कि यह गैंग साइबर ठगी की रकम एक ट्रस्ट के खाते मे मंगाकर केरल समेत अन्य प्रदेशों मे संचालित 22 अन्य खातों मे ट्रांसफर कर रहा था। इन खातों के खिलाफ साइबर ठगी की 524 शिकायतें दर्ज है। पूछताछ के दौरान अभियुक्त शाकिब ने बताया कि चाइना मे बैठे साइबर ठग भारत के पड़ोसी देश नेपाल मे अपने ठिकाने बनाते है और वहीं से ऑपरेट करते है। वे ऑपरेटर भारत मे अपना पैनल बनाते है जो साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। वह तिहाड़ जेल मे बंद मध्य प्रदेश के साइबर अपराधी राहुल उर्फ आकाश जैन से यह काम सीखकर गैंग से जुड़ा था। वे लोग जिस पैनल से जुड़कर काम करते थे। उसे नवाबगंज का सुमित और उसका भांजा निर्मल ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस उन दोनों की तलाश कर रही है। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, सात मोबाइल, तीन चेकबुक, ट्रस्ट की मुहर, 11 क्रेडिट-डेबिट व आईडी कार्ड, ट्रस्ट व बैंक संबंधित दस्तावेज, दो तमंचा और छह कारतूस बरामद हुए। आरोपियों की कार को भी पुलिस ने सीज कर दिया है। वही डॉ. सचेंद्र को उसके खाते मे आने वाली ठगी की रकम मे से 15 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

शाकिब के अलावा गैंग के अन्य सदस्य बेनिफीशियरी के लिए बैंक खाता धारकों को खोजकर लाते हैं, जिसके बदले उन्हें एक-दो प्रतिशत तक कमीशन मिलता है। आरोपियों के कब्जे से बड़े पैमाने पर डेटा बरामद हुआ है, जिसका अभी अध्ययन किया जा रहा है। गैंग के सरगना शाकिब ने बताया कि पुलिस उन लोगों के पीछे लगी रहती है, जिसके चलते वे लगातार ठिकाने बदलते हैं। अब काफी समय से वे लोग बरामद हुई स्कार्पियो को ही जगह-जगह खड़ी करके काम करते थे। साइबर ठगी की रकम 22 खातों में ट्रांसफर की जा रही थी। ये खाते द केरला स्टेट कोऑपरेटिव, इंडसइंड, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, रत्नाकर बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज, आईसीआईसीआई, एसबीआई, केनरा अैर केरला ग्रामीण बैंक में खुलवाए गए हैं। इनमें से दस खाते द केरला स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में ही खुलवाए गए हैं। इन सभी बैंक खातों के खिलाफ देश भर में साइबर फ्रॉड की 524 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट के भी छह मामले शामिल हैं, जिनमें करीब दो करोड़ की ठगी की गई है।

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