उत्तर प्रदेश

बाराबंकी: 21 CHC में सिर्फ 6 ने भेजी रिपोर्ट, 15 को नोटिस

Saba Naaz
10 July 2026 3:47 PM IST
बाराबंकी: 21 CHC में सिर्फ 6 ने भेजी रिपोर्ट, 15 को नोटिस
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बाराबंकी। जिले में अवैध निजी अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कार्रवाई में ढिलाई और समय पर रिपोर्ट न भेजने के मामले में 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के चिकित्साधीक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम ने सभी संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत सभी 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में टीम गठित कर जांच और कार्रवाई करने को कहा गया था। अभियान के दौरान अस्पतालों के पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता, बेसमेंट में संचालित संस्थानों, आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करनी थी।

सीएमओ कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए थे कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और प्रतिदिन की रिपोर्ट कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। लेकिन निर्धारित समय के बाद भी अधिकांश सीएचसी से कार्रवाई रिपोर्ट नहीं पहुंची। 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से केवल 6 सीएचसी के चिकित्साधीक्षकों ने ही अपनी रिपोर्ट भेजी, जबकि 15 सीएचसी की ओर से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

रिपोर्ट नहीं मिलने और अभियान की धीमी प्रगति को गंभीर लापरवाही मानते हुए सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने 15 चिकित्साधीक्षकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि शासन और विभागीय निर्देशों के बावजूद अभियान में अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं की गई और समय पर रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई। अधिकारियों से जल्द जवाब देने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। बिना मानकों के संचालित अस्पतालों में इलाज कराने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे संस्थानों पर निगरानी रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों की ओर से जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाएं और अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सकों पर शिकंजा कसने की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग अब अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगा और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर नजर रखेगा।

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