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Banda: समितियों में खाद का अभाव, लक्ष्य पूरा करना मुश्किल

बांदा: बारिश के साथ ही धान की रोपाई और दलहन, तिलहन की बुआई की तैयारी हो गई है। ऐसे में किसानों को डीएपी व यूरिया की सख्त जरूरत है। प्रशासन के पास खाद उपलब्ध नहीं है। प्री-पोजिस्निंग के तहत रखी खाद किसानों को दी जा रही है।
जिले में खरीफ की फसल के लिए 5200 मीट्रिक टन डीएपी और 7500 मीट्रिक यूरिया खाद का लक्ष्य है, लेकिन जिले को अभी खाद नहीं मिली है। इधर, बारिश के साथ ही धान की रोपाई में तेजी आ गई है। दलहन, तिलहन की बुआई की तैयारी चल रही है, लेकिन प्रशासन के पास किसानों को देने के लिए डीएपी और यूरिया नहीं है।
प्रशासन ने किसानों की मांग पर इमरजेंसी के लिए रखी जाने वाली प्री-पोजिस्निंग की खाद का वितरण शुरू कर दिया है। बताते हैं कि प्रशासन ने बफर गोदामों में प्री-पोजिस्निंग के तहत एक हजार मीट्रिक टन डीएपी व 800 मीट्रिक टन यूरिया का स्टाॅक रखा था, जिसमें वितरण के लिए 437 मीट्रिक टन डीएपी व 106 मीट्रिक टन यूरिया सहकारी समितियों में भेज दी है। मौजूदा समय में बफर गोदाम में प्री-पोजिस्निंग के तहत 605 व 775 मीट्रिक टन यूरिया रखी हुई है। शासन से खाद उपलब्ध न हुई तो आने वाले दिनों में खाद संकट शुरू हो जाएगा।
अधिकारी ने क्या कहा: जिलाधिकारी ने एक-एक रैक डीएपी व यूरिया के लिए शासन को पत्र लिखा है। यह खाद जल्द उपलब्ध होगी। हालांकि अभी प्री-पोजिस्निंग से ही काम चलाया जा रहा है। किसानों को बेहतर उपज के लिए नैनो डीएपी व यूरिया के इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है। अंसल कुमार, एआर कोआपरेटिव, बांदा





