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उत्तर प्रदेश
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटियों में स्काईशॉट और रॉकेट पर रोक
nidhi
2 Nov 2026 9:25 AM IST

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स्काईशॉट और रॉकेट प्रतिबंधित
ग्रेटर नोएडा वेस्ट: आवासीय सोसायटियों में स्काईशॉट और रॉकेट जैसे हवाई पटाखों पर प्रतिबंध लगाए जाने की सूचना सामने आई है। उपलब्ध कराई गई जानकारी में नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात भी कही गई है। हालांकि, यह रोक किन सोसायटियों में लागू है, किस संस्था ने निर्देश जारी किए हैं और उल्लंघन पर किस प्रकार की कार्रवाई होगी, इसका प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लागू प्रशासनिक प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता।
इस सूचना का सीधा संबंध सोसायटियों में रहने वाले उन परिवारों से है, जो त्योहार के दौरान परिसर में आतिशबाजी की योजना बनाते हैं। निवासियों के लिए जरूरी है कि वे अपने परिसर का आधिकारिक नोटिस देखें और प्रबंधन से लागू व्यवस्था की जानकारी लें। किसी अन्य सोसायटी के संदेश या बिना तारीख वाले सोशल मीडिया पोस्ट को अपने परिसर का आदेश मान लेने से भ्रम पैदा हो सकता है।
हाईराइज इमारतों में आतिशबाजी के दौरान आसपास की बालकनियों, खिड़कियों और खुले स्थानों की स्थिति विशेष महत्व रखती है। ऊपर जाकर फटने वाले पटाखों या दिशा बदलने वाले रॉकेट से निकली चिंगारी आसपास रखे सामान तक पहुंच सकती है। ऐसे में सुरक्षा संबंधी किसी निर्देश का उद्देश्य और उसका दायरा स्पष्ट होना चाहिए, ताकि निवासी समझ सकें कि किन गतिविधियों पर रोक है और किन स्थानों पर क्या व्यवस्था लागू है। स्काईशॉट और रॉकेट पर रोक की सूचना का अर्थ अपने आप सभी प्रकार के पटाखों की अनुमति मिलना भी नहीं है। इसी तरह किसी परिसर में आंतरिक पाबंदी की जानकारी से पूरे शहर की व्यवस्था का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आतिशबाजी की अनुमति, समय और स्थान को लेकर संबंधित आधिकारिक निर्देश अलग से देखना आवश्यक है। केवल दो तरह के पटाखों का नाम आने पर बाकी आतिशबाजी को स्वीकृत बताना भ्रामक होगा।
इस मामले में कार्रवाई संबंधी जानकारी भी स्पष्ट होना बाकी है। उपलब्ध शीर्षक में नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात है, लेकिन जुर्माने की राशि, शिकायत की प्रक्रिया या कार्रवाई करने वाले प्राधिकारी का उल्लेख नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी, मुकदमा, तय आर्थिक दंड या किसी सुविधा को बंद करने जैसी बात जोड़ना सही नहीं होगा। इन बिंदुओं का विवरण संबंधित लिखित आदेश मिलने के बाद ही दिया जा सकता है।
सोसायटी स्तर पर जारी किसी भी निर्देश की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह निवासियों तक कितनी स्पष्टता से पहुंचता है। नोटिस में लागू तारीख, संबंधित परिसर, प्रतिबंधित गतिविधि और संपर्क व्यक्ति की जानकारी रहने से असमंजस कम होता है। किरायेदारों, मकान मालिकों और त्योहार पर आने वाले मेहमानों तक भी सूचना पहुंचना उपयोगी होता है। हालांकि, इस विशेष मामले में ऐसी किसी संचार व्यवस्था की पुष्टि नहीं हुई है। निवासी अपने परिसर के अधिकृत सूचना माध्यम से निर्देश की प्रति प्राप्त कर सकते हैं। यदि अलग-अलग संदेशों में नियमों का अलग विवरण दिया गया हो, तो प्रबंधन से लिखित स्पष्टीकरण लेना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से यह जानना जरूरी है कि सूचना वर्तमान वर्ष की है या पुरानी, संबंधित सोसायटी की है या किसी दूसरे परिसर की और उसे जारी करने वाली संस्था कौन है।
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में निवासियों और प्रबंधन, दोनों की भूमिका रहती है। साझा रास्तों, सीढ़ियों और निकास द्वारों को बाधामुक्त रखना तथा परिसर की आपातकालीन व्यवस्था की जानकारी रखना उपयोगी है। बच्चों के साथ मौजूद अभिभावकों को भी सोसायटी के निर्देश समझने चाहिए। ये सामान्य सावधानियां हैं; इन्हें इस प्रतिबंध के तहत जारी नए आदेश का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसायटियों में स्काईशॉट और रॉकेट पर रोक संबंधी सूचना का पूरा स्वरूप मूल नोटिस सामने आने पर स्पष्ट होगा। तब तक संबंधित सोसायटियों की सूची, प्रतिबंध की अवधि और उल्लंघन पर कार्रवाई के बारे में निश्चित दावा करना संभव नहीं है। निवासियों के लिए फिलहाल सबसे उपयोगी कदम अपने परिसर के आधिकारिक निर्देश की पुष्टि करना और उसी के अनुसार त्योहार की तैयारी करना है।
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