उत्तर प्रदेश

रेलवे निर्माण संगठन में अफसरों की सीधी तैनाती पर रोक

Kavita2
12 Aug 2026 9:08 AM IST
रेलवे निर्माण संगठन में अफसरों की सीधी तैनाती पर रोक
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उत्तरप्रदेश : रेलवे के निर्माण संगठनों में अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब निर्माण संगठन में अफसरों की सीधे तैनाती नहीं हो सकेगी। रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों के चयन और तैनाती को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत निर्माण संगठन में तैनाती के इच्छुक अधिकारियों का इंटरव्यू सेंट्रल सलेक्शन बोर्ड (सीएसबी) की ओर से लिया जाएगा। इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योग्य अधिकारियों को निर्माण संगठन में तैनाती दी जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत निर्माण संगठन में रिक्त पदों के मुकाबले करीब पांच गुना अधिक अधिकारियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यानी जितने पदों पर अधिकारियों की तैनाती की जानी है, उससे पांच गुना अधिक पात्र अधिकारियों का चयन प्रारंभिक स्तर पर इंटरव्यू के लिए किया जाएगा। इसके बाद सीएसबी इंटरव्यू के आधार पर अधिकारियों की योग्यता और उपयुक्तता का आकलन करेगा। बोर्ड द्वारा चयनित अधिकारियों में से ही निर्माण संगठन के लिए तैनाती की जाएगी।

रेलवे बोर्ड की इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण संगठनों में ऐसे अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करना है, जो संबंधित जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम हों। रेलवे में निर्माण से जुड़े संगठनों के सामने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास, नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, पुलों, सुरंगों और अन्य निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में इन संगठनों में अधिकारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

अब तक निर्माण संगठन में अधिकारियों की तैनाती को लेकर अलग-अलग स्तरों पर प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। नई व्यवस्था के बाद चयन प्रक्रिया को केंद्रीय स्तर पर अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। सीएसबी की ओर से इंटरव्यू लिए जाने से अधिकारियों की तैनाती के लिए एक निर्धारित चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे अधिकारियों के चयन में योग्यता, अनुभव और संबंधित जिम्मेदारियों के अनुरूप उनकी उपयुक्तता को महत्व दिए जाने की उम्मीद है।

पांच गुना अधिकारियों का होगा चयन

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि निर्धारित पदों की संख्या से पांच गुना अधिक अधिकारियों को इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी निर्माण संगठन में 10 पदों पर अधिकारियों की तैनाती की जानी है तो करीब 50 अधिकारियों को चयन प्रक्रिया के तहत इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। इस तरह सीएसबी के पास पर्याप्त संख्या में अधिकारियों में से सबसे उपयुक्त अधिकारियों का चयन करने का विकल्प होगा।

इंटरव्यू के दौरान अधिकारियों की कार्यक्षमता, अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और निर्माण संगठन में काम करने की उपयुक्तता जैसे पहलुओं का आकलन किया जा सकता है। हालांकि अंतिम चयन सीएसबी की प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा।

निर्माण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम

रेलवे देशभर में बड़े पैमाने पर निर्माण परियोजनाओं पर काम कर रहा है। नई रेल लाइनों के निर्माण से लेकर मौजूदा रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण तक कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं। निर्माण संगठनों में तैनात अधिकारी इन परियोजनाओं की योजना, निगरानी, क्रियान्वयन और विभिन्न स्तरों पर समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था को निर्माण संगठनों में अधिकारियों की तैनाती को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बोर्ड का प्रयास है कि जिन अधिकारियों को निर्माण संगठन की जिम्मेदारी दी जाए, वे वहां की कार्यप्रणाली और परियोजनाओं की जरूरतों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

चयन प्रक्रिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

निर्धारित पदों से पांच गुना अधिक अधिकारियों के इंटरव्यू की व्यवस्था लागू होने से चयन प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। अधिकारियों को निर्माण संगठन में तैनाती के लिए सीएसबी के समक्ष अपनी योग्यता और अनुभव साबित करना होगा। इससे तैनाती के इच्छुक अधिकारियों के बीच चयन की प्रक्रिया अधिक प्रतिस्पर्धी होने की संभावना है।

रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि निर्माण संगठनों को आवश्यकता के अनुसार सक्षम अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। केंद्रीय चयन बोर्ड द्वारा इंटरव्यू लिए जाने से चयन के लिए एक समान प्रक्रिया विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

सीधे आदेश के बजाय चयन प्रक्रिया

नई व्यवस्था के बाद निर्माण संगठन में अधिकारियों की तैनाती केवल सीधे आदेश के आधार पर नहीं की जा सकेगी। इसके लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सीएसबी इंटरव्यू के बाद अधिकारियों की उपयुक्तता का आकलन करेगा और उसी आधार पर तैनाती के लिए नामों की सिफारिश या चयन किया जाएगा।

रेलवे बोर्ड के इस फैसले से निर्माण संगठनों में अधिकारियों की तैनाती को लेकर स्पष्ट प्रक्रिया स्थापित होने की उम्मीद है। साथ ही, अधिकारियों को भी यह स्पष्ट रहेगा कि निर्माण संगठन में जाने के लिए उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया में शामिल होना होगा।

रेलवे के बढ़ते निर्माण कार्यों और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बीच सक्षम अधिकारियों की तैनाती को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में सीएसबी के माध्यम से चयन और पांच गुना अधिकारियों के इंटरव्यू की नई व्यवस्था रेलवे के निर्माण संगठनों में मानव संसाधन के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

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