उत्तर प्रदेश

BAMS इंटर्न को 25 हजार भत्ते की उम्मीद निदेशालय ने मांगा वित्तीय ब्योरा

Kavita2
12 Sept 2026 5:20 PM IST
BAMS इंटर्न को 25 हजार भत्ते की उम्मीद निदेशालय ने मांगा वित्तीय ब्योरा
x

लखनऊ। सरकारी चिकित्सालयों में इंटर्नशिप कर रहे बीएएमएस डॉक्टरों का मासिक भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। वर्तमान में 7,500 रुपये मासिक भत्ता प्राप्त कर रहे इन इंटर्न को अब 25 हजार रुपये मिलने की उम्मीद जगी है। आयुर्वेद सेवा निदेशालय ने राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों और चिकित्सालयों से इंटर्न की संख्या तथा भत्ता बढ़ाने पर आने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार का पूरा ब्योरा मांगा है। हालांकि, अभी भत्ता बढ़ाने की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। निदेशालय की ओर से जानकारी जुटाने की कार्रवाई प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का चरण है।

उप निदेशक डॉ. राम कृपाल की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न की तर्ज पर बीएएमएस इंटर्न को भी समान भत्ता देने की मांग उठ रही है। हाल में सरकार ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मासिक भत्ता 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया है। इसी के अनुरूप बीएएमएस इंटर्न का भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है। निदेशालय ने संबंधित संस्थानों से संख्या और खर्च का विवरण मांगकर प्रस्ताव के वित्तीय पक्ष की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।

बीएएमएस इंटर्न को फिलहाल हर महीने 7,500 रुपये मिलते हैं। यदि उनका भत्ता 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो प्रत्येक इंटर्न को मासिक 17,500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वर्तमान राशि के मुकाबले प्रस्तावित भत्ता तीन गुने से अधिक होगा। इसी अंतर के कारण संस्थानों से अतिरिक्त वित्तीय भार का ब्योरा मांगा गया है। कुल खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में कितने इंटर्न इस भत्ते के पात्र हैं।

निदेशालय की ओर से मांगी गई जानकारी में इंटर्न की संख्या महत्वपूर्ण है। अलग-अलग संस्थानों में कार्यरत इंटर्न की संख्या मिलने के बाद प्रस्तावित बढ़ोतरी का कुल वित्तीय असर समझा जा सकेगा। केवल प्रति इंटर्न राशि तय करने से कुल खर्च स्पष्ट नहीं होता। इसके लिए सभी संबंधित संस्थानों का विवरण आवश्यक है। पत्र के जरिए यही जानकारी मांगी गई है, ताकि भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ अतिरिक्त खर्च की स्पष्ट तस्वीर भी सामने रखी जा सके।

प्रस्तावित राशि के आधार पर एक इंटर्न के लिए 12 महीने का मौजूदा भत्ता 90 हजार रुपये बनता है। वहीं, 25 हजार रुपये मासिक की दर से यह राशि तीन लाख रुपये होगी। इस गणना के अनुसार, पूरे 12 महीने के लिए प्रति इंटर्न अतिरिक्त खर्च दो लाख 10 हजार रुपये होगा। यह केवल दोनों मासिक राशियों के अंतर पर आधारित गणना है। वास्तविक कुल वित्तीय भार इंटर्न की संख्या और भत्ता देय रहने की अवधि के अनुसार निर्धारित होगा।

एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का भत्ता बढ़ाए जाने के बाद बीएएमएस इंटर्न को समान राशि देने की मांग इस प्रस्ताव का प्रमुख आधार है। उप निदेशक के पत्र में भी समान भत्ते की मांग का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि मांग किस संगठन या प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई थी। फिलहाल स्पष्ट तथ्य यह है कि निदेशालय ने प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया के लिए संस्थानों से आवश्यक आंकड़े मांगे हैं।

भत्ता बढ़ाने की संभावना इंटर्न के लिए आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मासिक राशि में 17,500 रुपये का प्रस्तावित अंतर उनके बजट पर सीधा असर डाल सकता है। लेकिन इस संभावित लाभ को लागू निर्णय के रूप में नहीं देखा जा सकता। अभी 25 हजार रुपये मिलने की उम्मीद बनी है और वित्तीय विवरण जुटाया जा रहा है। अंतिम स्वीकृति तथा आदेश जारी होने के बाद ही बढ़ी हुई राशि के भुगतान की स्थिति स्पष्ट होगी।

इस प्रक्रिया में प्रस्ताव और मंजूरी के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। निदेशालय ने भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में सरकार की अंतिम स्वीकृति का उल्लेख नहीं है। इसलिए यह कहना कि बीएएमएस इंटर्न का भत्ता बढ़कर 25 हजार रुपये हो गया है, वर्तमान स्थिति के अनुरूप नहीं होगा। अभी संबंधित संस्थानों से इंटर्न की संख्या और अतिरिक्त खर्च की जानकारी मांगी गई है।

प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने की स्थिति में उसके लागू होने की तारीख भी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि संभावित बढ़ोतरी किस तारीख से प्रभावी होगी अथवा पिछली अवधि के लिए कोई भुगतान मिलेगा। इसी तरह संस्थानों को ब्योरा भेजने के लिए निर्धारित समयसीमा की जानकारी भी नहीं दी गई है। इन विषयों पर स्पष्टता आगे जारी होने वाले निर्देशों या अंतिम आदेश से ही मिल सकेगी।

फिलहाल बीएएमएस इंटर्न के लिए राहत की संभावना बनी है। आयुर्वेद सेवा निदेशालय द्वारा वित्तीय ब्योरा मांगे जाने से समान भत्ते की मांग पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों और चिकित्सालयों से प्राप्त आंकड़े प्रस्ताव के कुल खर्च को स्पष्ट करेंगे। इसके बाद ही भत्ता बढ़ाने के संबंध में आगे की स्थिति सामने आएगी। वर्तमान में इंटर्न को 7,500 रुपये मासिक भत्ता मिल रहा है, जबकि 25 हजार रुपये की राशि अभी प्रस्तावित बढ़ोतरी और उम्मीद के स्तर पर है।

Next Story