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Balrampur: मरा समझकर नदी किनारे फेंकी युवती, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर: जिले के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के महरी गांव में राप्ती नदी के किनारे एक युवती अचेत अवस्था में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले हैं।
ऐसे खुला राज, सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग
एसपी विकास कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला बेहोशी की हालत में पड़ी है। प्राथमिक इलाज के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो युवती की पहचान सिद्धार्थनगर जिले की निवासी के रूप में हुई। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने राम जानकी मंदिर, बांसी चौराहे के पास घेराबंदी कर धर्मेंद्र सोनी उर्फ आकाश और अजय उर्फ गौरी शंकर को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में स्वाट टीम की अहम भूमिका रही।
हत्या की नीयत से किया था हमला, मरा समझकर नदी किनारे फेंका
पूछताछ में आरोपी गौरी शंकर ने खुलासा किया कि वह पीड़िता को चार साल से जानता था और उसके खाते में आठ लाख रुपये देखकर उसे ठगने की साजिश रच रहा था। उसने कई बार फोन पे का पासवर्ड मांगा, लेकिन युवती ने देने से इनकार कर दिया।
अजय ने बताया कि पीड़िता उसे ब्लैकमेल करती थी, जिससे परेशान होकर उसने उसकी हत्या की योजना तीन महीने पहले बना ली थी। योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने दोस्त धर्मेंद्र सोनी को शामिल किया।
28 मार्च को वे महिला को जमीन दिखाने के बहाने ले गए। रात 9 बजे उसे सुनसान जगह पर ले जाकर पासवर्ड मांगने लगे। जब उसने इनकार किया, तो आरोपियों ने हथौड़े, प्लास और मुक्कों से हमला कर दिया। सिर पर हथौड़े से वार करने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद उन्होंने उसे गाड़ी की डिग्गी में डाल दिया।
पहचान मिटाने के लिए किया खौफनाक काम
रातभर गाड़ी में रखने के बाद 29 मार्च की सुबह 4 बजे आरोपी उसे बांसी से बलरामपुर जिले के गौरा क्षेत्र में लाए और राप्ती नदी के किनारे फेंक दिया। पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे और शरीर पर फोन निर्माण में इस्तेमाल होने वाला केमिकल डाल दिया और फरार हो गए।
पुलिस ने जब आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर बरामदगी करानी चाही, तो वे अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगे। लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।





