- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- बलिया: मंत्री दया शंकर...

x
Baliya बलिया: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दया शंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम दो जगह मतदाता सूची में दर्ज है तो उसे हटाया जाना ही चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि हर व्यक्ति का केवल एक ही स्थान पर मतदाता सूची में नाम दर्ज हो, जो लोकतंत्र की मजबूरी है। मंत्री दया शंकर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जिन लोगों के नाम फर्जी तौर पर जोड़े गए हैं, वही इस तरह का विरोध कर रहे हैं। चुनाव आयोग पूरे देश के हित में फैसला लेता है। किसी एक क्षेत्र या राज्य को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय नहीं लिए जाते हैं।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची में दुहराव लोकतंत्र के लिए खतरा है और इसे समय रहते सुधारना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूरे जिले में सूची की जांच की जा रही है। इसमें यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी मतदाता दो बार मतदाता सूची में दर्ज न हो और सभी नाम वास्तविक एवं सत्यापित हों। मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। मंत्री ने यह भी कहा कि SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाना है। उन्होंने कहा, "कुछ राजनीतिक पार्टियां इसे केवल विरोध के लिए मुद्दा बना रही हैं, जबकि यह अभियान सभी नागरिकों के हित में है। प्रत्येक मतदाता का केवल एक ही स्थान पर नाम होना चाहिए ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
दया शंकर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने इस दिशा में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं और सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का सही होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने नाम की जांच करें और यदि कोई त्रुटि पाएँ तो उसे तुरंत सुधारें। इसके साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे SIR प्रक्रिया को समझें और इसे राजनीतिक रंग देने से बचें।
Tagsबलियाउत्तर प्रदेशदया शंकर सिंहसपाअखिलेश यादवSIRविशेष गहन पुनरीक्षणमतदाता सूचीचुनाव आयोगलोकतंत्रफर्जी नामनिर्वाचन अधिकारीमतदानपारदर्शितादोहरी नामांकनराज्य सरकारराजनीतिक प्रतिक्रियावोटर सूचीचुनाव प्रक्रियायूपी चुनावनागरिक जागरूकतामतदाता सत्यापनलापरवाहीकानूनी कार्रवाई।जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





