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बलिया: भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी के पांच दिन बाद सीएचसी बांसडीह के अधीक्षक डॉ. वेंकटेश मौआर (45) का सोमवार को वाराणसी जिला जेल में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
बिहार के औरंगाबाद जिले के खैरा गांव निवासी डॉ. वेंकटेश बलिया शहर के बहादुरपुर मोहल्ले में किराये के मकान में पत्नी प्रियंका मौआर और दो बेटों — 17 वर्षीय विनायक और 15 वर्षीय वेदांत — के साथ रहते थे। बांसडीह सीएचसी अधीक्षक होने के साथ ही उनके पास मनियर सीएचसी का भी अतिरिक्त प्रभार था।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे अधीक्षक
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को वाराणसी विजिलेंस टीम ने प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र (अमृत फार्मेसी) के संचालक अजय तिवारी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वेंकटेश को सीएचसी बांसडीह के ओपीडी कक्ष से 20 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें टीम अपने साथ वाराणसी ले गई, जहां उन्हें जिला जेल में रखा गया था।
जेल में हृदयगति रुकने से मौत, बलिया में शोक
सोमवार को जेल में हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। जैसे ही यह खबर बलिया पहुंची, सीएचसी बांसडीह परिसर में शोक का माहौल छा गया। अस्पताल के स्टाफ और क्षेत्र के गणमान्य लोग सीएचसी पहुंचे और नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
अस्पताल परिसर में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान अरुण सिंह, उमेश सिंह परिहार, दिलीप कुमार दुबे, अंगद मिश्र, चंदन कुमार, नंदलाल गोंड सहित कई लोग मौजूद रहे।
डॉ. वेंकटेश की असमय मृत्यु ने न केवल चिकित्सा समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि उनके परिवार और सहयोगियों को भी गहरे शोक में डाल दिया है।





