उत्तर प्रदेश

सर्वाइकल कैंसर से बचाव की मुहिम में बागपत की बड़ी सफलता, प्रदेश में दूसरा स्थान

Ratna Netam
6 Aug 2026 6:05 PM IST
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की मुहिम में बागपत की बड़ी सफलता, प्रदेश में दूसरा स्थान
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बागपत : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। 82 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज के साथ जिले ने न केवल राज्य के औसत प्रदर्शन को पीछे छोड़ा है, बल्कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए जनजागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी उदाहरण पेश किया है। इस उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, चिकित्सा अधिकारियों और जिला प्रशासन की संयुक्त मेहनत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर बागपत कलेक्ट्रेट में आयोजित सम्मान समारोह में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आशा कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति-पत्र, शॉल और मिक्सर ग्राइंडर देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुरुचि शर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिनौली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार को भी अभियान के सफल संचालन के लिए सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करना बागपत के लिए गर्व की बात है, लेकिन अब लक्ष्य पहले स्थान तक पहुंचना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभी भी लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा नहीं हुआ है, वहां विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किशोरियों का जल्द से जल्द टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश स्तर पर 5 अगस्त 2026 तक जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार बागपत में 15,885 पात्र किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले अब तक 13,024 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिससे जिले ने 82 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। पूरे उत्तर प्रदेश में केवल हाथरस 93.3 प्रतिशत टीकाकरण के साथ पहले स्थान पर है, जबकि बागपत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। तीसरे स्थान पर अंबेडकर नगर है, जहां 72 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। प्रदेश का औसत प्रदर्शन 31.5 प्रतिशत रहा, जबकि बागपत ने उससे ढाई गुना अधिक उपलब्धि हासिल की।
ब्लॉकवार प्रदर्शन में बागपत, बड़ौत और बिनौली ने लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया। बागपत ब्लॉक में 99.8 प्रतिशत, बड़ौत में 99.7 प्रतिशत और बिनौली में 99.7 प्रतिशत किशोरियों का टीकाकरण किया गया। वहीं छपरौली, पिलाना और खेकड़ा ब्लॉक में भी अच्छा प्रदर्शन दर्ज हुआ, हालांकि इन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
अभियान की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय आशा कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है। उन्होंने गांव-गांव और घर-घर जाकर किशोरियों की पहचान की, अभिभावकों से व्यक्तिगत संपर्क किया और एचपीवी संक्रमण व सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का महत्व समझाया। कई परिवारों में शुरुआती झिझक और भ्रांतियों को दूर करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने लगातार फॉलोअप किया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों किशोरियों तक समय पर वैक्सीन पहुंच सकी।
इसी समर्पण को देखते हुए बिनौली ब्लॉक की सोनिया और सुनीता कश्यप, बड़ौत ब्लॉक की अनीता, बागपत ब्लॉक की अर्चना तथा बड़ौत शहरी क्षेत्र की सरिता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने कहा कि इन आशा कार्यकर्ताओं के प्रयासों ने जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्वयं भी अभियान के दौरान विद्यालयों और टीकाकरण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। स्वयं वैक्सीन लगवाकर उन्होंने लोगों के बीच यह संदेश भी दिया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके अनुसार यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग और अभियान से जुड़े सभी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बागपत, पिलाना और बड़ौत विकासखंडों को कार्डियोटोकोग्राफी (सीटीजी) मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनकी मदद से गर्भस्थ शिशु की हृदय गति और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति की बेहतर निगरानी की जा सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान होगी और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कोई भी पात्र किशोरी एचपीवी टीकाकरण से वंचित न रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। अब स्वास्थ्य विभाग का अगला लक्ष्य बागपत को उत्तर प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंचाना है।
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