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उत्तर प्रदेश
आज़म खान का बड़ा बयान, धर्म और जाति के आधार पर कभी भेदभाव नहीं किया
SHIDDHANT
31 Oct 2025 10:34 PM IST

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Rampur रामपुर (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान ने शुक्रवार को एक भावनात्मक बयान देते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि वे दो बार कुंभ आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं — एक बार अर्धकुंभ और दूसरी बार महाकुंभ में।आज़म खान ने कहा, “मैंने कभी किसी के साथ धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया। मैंने दो कुंभों का आयोजन किया है — एक अर्धकुंभ और एक महाकुंभ — यह सबको पता है। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है। “लोग मुझे ऐसे दिखाना चाहते हैं जैसे मैं किसी एक वर्ग का नेता हूं, लेकिन मैंने हमेशा सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है। चाहे मुसलमान हों या हिंदू, सिख हों या ईसाई — मैंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया,” आज़म खान ने कहा।
“मेरे दुश्मन मेरी जान ले सकते हैं, लेकिन और क्या छीनेंगे?”
आज़म खान ने अपने जीवन के कठिन दौर का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार मौत को करीब से देखा है, लेकिन कभी झुके नहीं। उन्होंने कहा, “अगर कोई मेरा दुश्मन है तो वह सबसे ज्यादा मेरी जान ले सकता है, और क्या लेगा? मेरे पास पैसे नहीं हैं। मेरा हेलिकॉप्टर एक बार क्रैश हो गया था, लेकिन मैं बच गया। मैंने पांच महीने तक कोविड से जंग लड़ी, फिर भी नहीं मरा। उन्होंने कहा कि राजनीति में झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है। “मेरे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, मेरी संपत्तियां सील की गईं, लेकिन मैं आज भी अपने विचारों पर कायम हूं। मैंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया, न किसी से अन्याय सहा।”
भावुक अंदाज़ में बोले आज़म खान
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए आज़म खान ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हमेशा जनता की आवाज उठाई। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा गरीबों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के हक की बात की है। लेकिन मैंने कभी धर्म की दीवार नहीं खड़ी की। मैंने कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों में भी भाग लिया क्योंकि मेरा मानना है कि धर्म से बढ़कर इंसानियत है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार अर्धकुंभ के आयोजन में योगदान दिया था, तब कई लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन बाद में उन्होंने देखा कि किस तरह उन्होंने हिंदू संतों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराईं। “मैंने हमेशा कोशिश की कि धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि इंसानियत के नाम पर सेवा की जाए,” उन्होंने जोड़ा।
राजनीतिक संदेश भी दिया
अपने बयान के जरिए आज़म खान ने विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में नफरत और भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। “आज देश में नफरत की राजनीति बढ़ रही है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत की ताकत इसकी एकता में है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं, वे देश को तोड़ रहे हैं। मैंने कभी ऐसा नहीं किया। मैं हमेशा एकता और भाईचारे की बात करता हूं।”
आरएसएस और भाजपा पर भी साधा निशाना
आज़म खान ने आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पर आरोप लगाया कि वह समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा, “अगर सच में धर्म की सेवा करनी है तो भूखे को खाना दो, गरीब को आश्रय दो, न कि नफरत फैलाओ। मैं हमेशा यही कहता रहा हूं कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।”
राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बोले
पत्रकारों ने जब उनसे राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल किया तो आज़म खान ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं अब राजनीति के उस मुकाम पर हूं जहां मुझे पद या कुर्सी की लालसा नहीं है। मैं बस चाहता हूं कि समाज में नफरत की दीवारें गिरें और लोग एक-दूसरे को इंसान समझें।”
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