उत्तर प्रदेश

जमीन कब्जे के आरोपों में घिरे आजम खां ट्रस्ट नहीं दे सका खर्च का पूरा ब्योरा

nidhi
20 Aug 2026 9:30 AM IST
जमीन कब्जे के आरोपों में घिरे आजम खां ट्रस्ट नहीं दे सका खर्च का पूरा ब्योरा
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जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आजम खां पर शिकंजा जमीन कब्जे और खर्च विवाद में बढ़ी मुश्किलें
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें जौहर विश्वविद्यालय मामले में बढ़ती नजर आ रही हैं। जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। आरोप है कि विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण में अनियमितताएं हुईं और ट्रस्ट निर्माण कार्यों पर हुए खर्च का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं करा सका।
जौहर विश्वविद्यालय मामले में आजम खां पर जमीन कब्जाने के आरोप पहले से लगते रहे हैं। जांच में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय के लिए तय नियमों और शर्तों का उल्लंघन करते हुए कई जमीनों का
अधिग्रहण
किया गया। इसी मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और विश्वविद्यालय निर्माण पर हुए खर्च की जानकारी मांगी गई थी। आरोप है कि ट्रस्ट की ओर से निर्माण कार्यों में खर्च की गई राशि का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
जमीन विवाद को लेकर प्रशासन की ओर से पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपों में सरकारी जमीन, ग्राम सभा की भूमि और अन्य श्रेणी की जमीनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों का विरोध किया जाता रहा है और कानूनी लड़ाई भी जारी रही है। जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में आजम खां के नेतृत्व वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा स्थापित किया गया था। विश्वविद्यालय की स्थापना और इसके लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) समेत अन्य जांच एजेंसियां अब ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों, संपत्तियों और निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विश्वविद्यालय निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और क्या किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई। आजम खां पहले भी कई कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में जमीन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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