उत्तर प्रदेश

आजम खान की रिहाई के बाद फिर गिरफ्तारी जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ईडी का एक्शन

nidhi
1 Nov 2026 7:36 AM IST
आजम खान की रिहाई के बाद फिर गिरफ्तारी जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ईडी का एक्शन
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अब्दुल्ला हुए रिहा आजम खान को ईडी ने किया गिरफ्तार
रामपुर/लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को करीब 11 महीने बाद जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार, 31 अक्टूबर की शाम रामपुर जिला जेल से बाहर निकलते ही ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। यह कार्रवाई मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम जेल से रिहा हो गए। पिता-पुत्र को दो पैन कार्ड से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी।
आजम खान की रिहाई की संभावना को देखते हुए जेल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र थे। इसी बीच ईडी के अधिकारी भी सुरक्षाकर्मियों के साथ वहां पहुंच गए। जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी ने आजम खान को अपनी हिरासत में लिया और बाद की रिपोर्टों में गिरफ्तारी की पुष्टि की गई। जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने उनके समर्थन तथा ईडी की कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी के बीच आजम खान को वहां से ले जाया गया। अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, आजम खान को गाजियाबाद की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम अदालत में पेश किया जाना है। एजेंसी पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी रिमांड मांगेगी। शनिवार रात की रिपोर्टों में रविवार को अदालत में पेशी की जानकारी दी गई थी। हालांकि, रिमांड की मांग और अदालत द्वारा रिमांड मंजूर किए जाने में अंतर है। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर हिरासत की अवधि तय होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। इस संबंध में आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुसार होगी।
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई का रास्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट के 29 अक्टूबर के आदेश के बाद खुला था। हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत दी थी। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की गई। इसलिए इस राहत को मामले में बरी होना नहीं माना जा सकता। पिता-पुत्र ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। सजा निलंबन के बाद जेल से रिहाई संभव हुई, लेकिन आजम खान के खिलाफ अलग धनशोधन मामले में ईडी की कार्रवाई सामने आ गई।
दो पैन कार्ड मामले में रामपुर की अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और अब्दुल्ला को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अभियोजन पक्ष की अपील पर आजम खान की सजा बढ़ाकर दस साल की गई थी, जबकि अब्दुल्ला की सात साल की सजा बरकरार रही थी। जुर्माने की रकम भी बढ़ाई गई थी। इसके बाद दोनों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसी मामले में मिली राहत के आधार पर शनिवार को दोनों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
ईडी की ताजा कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से संबंधित वित्तीय जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने विश्वविद्यालय के निर्माण एवं विकास में कथित अपराध से अर्जित धन इस्तेमाल होने का आरोप लगाया है। ईडी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को 426.46 करोड़ रुपये की सीमा तक अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। एजेंसी ने संबंधित संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये बताया है। ये दोनों आंकड़े अलग-अलग आधार पर दिए गए हैं।
जांच एजेंसी के दावे के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर की जमीन और 59 भवनों की कुल लागत का आकलन 499.09 करोड़ रुपये किया गया। वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद एजेंसी ने कहा कि इसमें से 72.63 करोड़ रुपये के खर्च के वैध स्रोत स्पष्ट हुए, जबकि शेष राशि को कथित अपराध की आय माना गया। यह ईडी का जांच संबंधी निष्कर्ष और आरोप है, जिस पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान विचार होगा। अस्थायी कुर्की अपने आप में धनशोधन के आरोप साबित होने या अंतिम रूप से संपत्ति जब्त होने के बराबर नहीं है।
ईडी ने सार्वजनिक कार्यों के लिए उपलब्ध सरकारी संसाधनों का निजी विश्वविद्यालय परिसर में इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी लगाया है। एजेंसी के अनुसार, विधायक और विधान परिषद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से परिसर में लगभग 6.60 करोड़ रुपये के काम कराए गए। निर्माण सामग्री और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े लेनदेन की भी जांच की गई है। एजेंसी ने अगस्त में विश्वविद्यालय तथा संबंधित परिसरों में तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त करने की जानकारी दी है। इन आरोपों की अंतिम सत्यता अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण से निर्धारित होगी। जेल के बाहर आजम खान ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मुस्लिम होने और विश्वविद्यालय बनाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार की आलोचना की। ये आजम खान और उनकी पार्टी के आरोप हैं। दूसरी ओर, ईडी ने कार्रवाई को धनशोधन की जांच से जोड़ा है। अब इस मामले में विशेष अदालत की कार्यवाही, एजेंसी की रिमांड मांग और बचाव पक्ष की दलीलों पर नजर रहेगी। अब्दुल्ला की रिहाई के बावजूद आजम खान की कानूनी मुश्किलें फिलहाल बनी हुई हैं।
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