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उत्तर प्रदेश
दीपोत्सव में चमकेगा Ayodhya : योगी सरकार की योजनाओं से विकास की नई किरण
Harrison
12 Oct 2025 8:11 PM IST

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अयोध्या, 12 अक्टूबर 2025 — इस बार का दीपोत्सव केवल परंपरा और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि विकास की नई चमक का भी प्रतीक बनने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की व्यापक योजनाओं और कार्यों से सुसज्जित अयोध्या इस बार रोशनी के साथ-साथ आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत का संगम पेश करेगी। अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन अब एक भव्य परंपरा बन चुका है, जिसे विश्वभर से श्रद्धालु देखने आते हैं। लेकिन इस बार का आयोजन पहले से कहीं अधिक विशेष है क्योंकि इसके माध्यम से सरकार अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने जा रही है।
28 लाख दीयों से रोशन होगी राम की नगरी
इस वर्ष दीपोत्सव में अयोध्या के 56 घाटों पर 28 लाख दीपों को प्रज्ज्वलित किया जाएगा, जो अब तक का एक नया कीर्तिमान होगा। राम की पैड़ी, जो इस आयोजन का मुख्य केंद्र होती है, वहां अकेले 15 से 16 लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए करीब 33,000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है, जो एक निर्धारित समय में दीयों को प्रज्ज्वलित करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को न केवल भव्य बनाने के लिए, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी इसे एक बड़े उत्सव का रूप दिया है।
नई गैलरी और लेज़र शो से सजेगा महोत्सव
इस बार राम की पैड़ी पर दर्शकों के लिए एक नई गैलरी का निर्माण किया गया है, जिसमें एक साथ 20,000 लोग बैठकर आयोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, ड्रोन शो, लेजर लाइट शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी भव्य प्रस्तुति होगी। सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों को विशेष रूप से सजाया गया है, और उनकी सफाई एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। घाटों पर आधुनिक लाइटिंग, बैरिकेडिंग, सजावटी तत्व, और पर्यटन सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
66 विकास परियोजनाओं का होगा लोकार्पण
दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 66 नई परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें सड़क निर्माण, सीवरेज व्यवस्था, जल प्रबंधन, पार्कों का विकास, पर्यटन केंद्र, और सांस्कृतिक स्थलों का जीर्णोद्धार शामिल है।
इनमें से प्रमुख परियोजनाओं में ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान, क्वीन हीओ मेमोरियल पार्क, हनुमान कुंड, और स्वर्धखनी कुंड का पुनर्विकास शामिल है। अयोध्या में विकास कार्यों पर लगभग ₹30,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जिसमें से अधिकांश कार्य दीपोत्सव से पहले पूरे कर लिए गए हैं।
दीपोत्सव गांव: हस्तशिल्पियों को मिलेगा रोजगार
योगी सरकार ने दीपोत्सव गांव नामक एक विशेष परियोजना की शुरुआत की है। इस गांव में मिट्टी के दीए बनाने वाले कारीगरों को स्थायी रोजगार देने की योजना है। यह गांव रामचौरा गौरघाट के पास स्थापित किया जाएगा, जहां पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण भी किया जाएगा।
नवाचार और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
इस वर्ष के आयोजन में स्मार्ट तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है। घाटों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। यातायात प्रबंधन, पार्किंग सुविधा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।
अयोध्या का बदलता स्वरूप
दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या न केवल राम जन्मभूमि के धार्मिक महत्व को सामने ला रहा है, बल्कि एक स्मार्ट, स्वच्छ और आधुनिक शहर के रूप में उभर रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य अयोध्या को काशी और मथुरा की तरह एक विकसित धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था,
"अयोध्या सिर्फ आस्था की नगरी नहीं, बल्कि विकास की एक नई कहानी बन रही है। हम इसे विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए संकल्पित हैं।"
इस बार का दीपोत्सव केवल श्रद्धा और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बदलते चेहरे का प्रतीक है। रोशनी की यह रात सिर्फ दीयों से नहीं, बल्कि योजनाओं, नवाचारों और विकास से भी जगमगाएगी। अयोध्या, जो कभी केवल धार्मिक मान्यता से जानी जाती थी, अब आधुनिक भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बन रही है।
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