उत्तर प्रदेश

Ayodhya : रामलला का सूर्य तिलक होगा बेहद खास

Uma Verma
27 March 2025 10:26 AM IST
Ayodhya : रामलला का सूर्य तिलक होगा बेहद खास
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अयोध्या | अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 6 अप्रैल को ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। इस दिन दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें सीधे रामलला के माथे पर पड़ेंगी, जिसे सूर्य तिलक कहा जा रहा है। इसे लेकर वैज्ञानिकों और ज्योतिषाचार्यों की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि हर साल सूर्य तिलक का समय धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा, जो वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद खास है।

कैसे होगा सूर्य तिलक?

इस अद्भुत घटना को संभव बनाने के लिए विशेष दर्पण और लेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। वैज्ञानिकों और वास्तु विशेषज्ञों ने सूर्य की गति को ध्यान में रखते हुए मंदिर के गर्भगृह में ऐसी व्यवस्था की है कि सूरज की किरणें ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के मस्तक पर पड़ें।

वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व

  • वैज्ञानिकों के अनुसार, हर साल सूर्य तिलक की अवधि थोड़ी-थोड़ी बढ़ेगी, क्योंकि पृथ्वी की धुरी में बदलाव आता रहता है।

  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य तिलक का सीधा संबंध त्रेतायुग से है, जब श्रीराम को सूर्यवंशी बताया गया था और उनका संबंध सूर्यदेव से जोड़ा जाता है।

  • इसे ज्योतिषीय और खगोलीय चमत्कार भी माना जा रहा है, जिससे अयोध्या का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।

पूरे देश की निगाहें अयोध्या पर

6 अप्रैल को यह भव्य आयोजन होगा, जिसमें देशभर से संत, वैज्ञानिक और श्रद्धालु शामिल होंगे। इस ऐतिहासिक सूर्य तिलक के साक्षी बनने के लिए लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

भविष्य में और भव्य होगा आयोजन

इस खास तकनीक को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि सूर्य तिलक की अवधि हर साल कुछ सेकंड से लेकर मिनटों तक बढ़ती जाए। भविष्य में इसे और अधिक वैज्ञानिक रूप से विकसित करने की योजना है।

इस ऐतिहासिक क्षण का सभी को बेसब्री से इंतजार है, जब सूर्यदेव खुद श्रीराम को आशीर्वाद देंगे और पूरा अयोध्या इस अद्भुत दृश्य का गवाह बनेगा।


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