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Ayodhya चढ़ावा चोरी केस, 30 जुलाई तक आएगी जांच रिपोर्ट

Ayodhya अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच का दायरा अब और बढ़ने जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि कोतवाली में दर्ज एफआईआर की विवेचना अलग विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने का फैसला किया है। इस नई एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच को लेकर यह निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित की जा सके। एफआईआर से जुड़े सभी पहलुओं की अलग से जांच कराई जाएगी, ताकि चोरी से जुड़े हर तथ्य और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सके।
बताया जा रहा है कि इससे पहले मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर मामले की जांच के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया था। इस एसआईटी ने मामले की जांच लगभग पूरी कर ली है और अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।
हालांकि, एसआईटी ने अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए गृह विभाग से 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। अब यह रिपोर्ट 30 जुलाई तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा मामला सामने आने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया था। मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और अन्य सामग्री की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
नई एसआईटी द्वारा एफआईआर की विवेचना किए जाने से मामले में जांच के नए पहलुओं को भी खंगाला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस जांच में आरोपों की पुष्टि, संबंधित लोगों की भूमिका, धन और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड समेत अन्य बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी।
राज्य सरकार इस मामले में पारदर्शी जांच के पक्ष में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज न किया जाए।
वहीं, मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों स्तरों पर चल रही जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना है।
अयोध्या राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या अनियमितता को लेकर प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। अब नई एसआईटी की जांच और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किन लोगों की भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।





