उत्तर प्रदेश

Ayodhya: सरयू तट पर फ्लोटिंग बाथिंग कुंड, श्रद्धालुओं को मिलेगी नई सुविधा

Admindelhi1
19 Jan 2026 3:18 PM IST
Ayodhya: सरयू तट पर फ्लोटिंग बाथिंग कुंड, श्रद्धालुओं को मिलेगी नई सुविधा
x

अयोध्या: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण के बाद पर्यटन और विकास से जुड़े कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) सरयू नदी के तट पर एक आधुनिक फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण करवा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है और फरवरी माह तक श्रद्धालुओं के लिए इसे खोल दिया जाएगा।

एडीए के अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सरयू नदी में सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक तरीके से स्नान की सुविधा उपलब्ध कराना है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू स्नान के लिए अयोध्या पहुंचते हैं, ऐसे में यह फ्लोटिंग बाथिंग कुंड भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से बेहद उपयोगी साबित होगा।

फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड के निर्माण की जिम्मेदारी लिटमस मरीन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को सौंपी गई है। यह कुंड 25×15 मीटर के अत्याधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर आधारित होगा, जिसे पोंटून और उच्च गुणवत्ता वाली फाइबर सामग्री से तैयार किया जा रहा है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि सरयू नदी के जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव के अनुसार यह स्वतः ऊपर-नीचे समायोजित हो सकेगा, जिससे बरसात, गर्मी और सर्दी हर मौसम में इसकी स्थिरता बनी रहेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग बाथिंग कुंड पर कुल 10 चेंजिंग रूम बनाए जा रहे हैं। इनमें पांच चेंजिंग रूम महिलाओं और पांच पुरुषों के लिए होंगे। इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से मजबूत सेफ्टी बैरियर, रेलिंग, सोलर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि सुबह और शाम के समय भी स्नान करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी सपोर्ट बोट और आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे।

पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फ्लोटिंग बाथिंग कुंड परिसर में सात दुकानें भी स्थापित की जाएंगी। इन दुकानों पर स्थानीय हस्तशिल्प, पूजा सामग्री, धार्मिक वस्तुएं और श्रद्धालुओं की जरूरत से जुड़ी अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल श्रद्धालुओं को आधुनिक और सुरक्षित सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

Next Story