उत्तर प्रदेश

अयोध्या मछली विवाद बढ़ा अजय राय ने CM योगी को दी सफाई

Ratna Netam
27 Aug 2026 9:18 PM IST
अयोध्या मछली विवाद बढ़ा अजय राय ने CM योगी को दी सफाई
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या के मछली भोज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और तेज हो गया है। सावन महीने में मछली खाने के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय आमने-सामने आ गए हैं। अब अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चिट्ठी लिखकर अपना पक्ष रखा है और कई सवाल उठाए हैं।
अजय राय ने अपने पत्र में कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि वह शाकाहारी हैं और उन्होंने मछली नहीं खाई। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह निषाद समाज के निमंत्रण पर आयोजित कार्यक्रम था। उनके अनुसार, वहां क्या भोजन बनाया गया, यह आयोजकों का व्यक्तिगत अधिकार है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
यह विवाद अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। बताया गया कि कार्यक्रम में मछली भोज का आयोजन किया गया था। इसको लेकर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाए और सावन महीने तथा अयोध्या जैसी धार्मिक नगरी में ऐसे आयोजन को लेकर आपत्ति जताई।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और अजय राय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ कुछ नेता मंदिरों में दर्शन करते हैं और दूसरी तरफ ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
अजय राय ने दी चुनौती
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अजय राय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनकी मछली खाते हुए तस्वीर या वीडियो दिखा दे तो वह राजनीति छोड़ने तक को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास जनहित के मुद्दे नहीं हैं, इसलिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं।
अजय राय ने कहा कि वह निषाद समाज के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उनका कहना है कि किसी समाज के आयोजन में वहां के लोग क्या खाते हैं, यह उनका व्यक्तिगत और सांस्कृतिक अधिकार है।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह केवल खानपान का मुद्दा नहीं है, बल्कि स्थान और समय से जुड़ा विषय है। पार्टी नेताओं ने सावन और अयोध्या की धार्मिक पहचान का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस जानबूझकर ऐसे मुद्दों को बढ़ावा देती है जिससे हिंदू समाज की भावनाएं प्रभावित होती हैं। हालांकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर पेश करने का आरोप बीजेपी पर लगा रही है।
निषाद समाज और राजनीति
इस पूरे विवाद में निषाद समाज की भूमिका भी चर्चा में आ गई है। अजय राय का कहना है कि यह कार्यक्रम निषाद समाज के लोगों की ओर से आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि समाज की परंपराओं और खानपान को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में निषाद समुदाय का बड़ा महत्व है। पूर्वांचल समेत कई क्षेत्रों में इस समुदाय का चुनावी प्रभाव है, इसलिए ऐसे मुद्दे राजनीतिक रूप से भी अहम हो जाते हैं।
कांग्रेस ने किया अजय राय का बचाव
कांग्रेस नेताओं ने अजय राय के बयान का समर्थन किया है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे विवादों को हवा दे रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोजगारी, पेपर लीक और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक विवाद खड़े कर रही है।
धार्मिक भावनाओं और राजनीति के बीच बहस
यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे कितनी तेजी से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं। एक ओर जहां बीजेपी इसे आस्था और परंपरा से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे व्यक्तिगत पसंद और राजनीतिक आरोप बता रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक दलों के लिए समर्थन जुटाने का माध्यम बन जाते हैं।
आगे क्या होगा
फिलहाल अजय राय की खुली चिट्ठी के बाद विवाद और बढ़ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या बीजेपी की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
अयोध्या का मछली भोज विवाद अब सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी होने की संभावना है।
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