उत्तर प्रदेश

Ayodhya दीपोत्सव: 26,17,215 दीयों के साथ नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित

SHIDDHANT
19 Oct 2025 8:38 PM IST
Ayodhya दीपोत्सव: 26,17,215 दीयों के साथ नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। रामनगरी अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए। इस भव्य आयोजन में कुल 26,17,215 दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी निश्चल बरोट ने प्रमाणित किया। उन्होंने बताया कि यह संख्या दुनिया में अब तक किसी भी दीपोत्सव में जलाए गए दीयों की सबसे बड़ी संख्या है। निश्चल बरोट ने कहा, “यह एक भव्य दीपोत्सव था। इसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। हमने देखा कि इतने बड़े पैमाने पर दीयों का प्रज्ज्वलन कैसे व्यवस्थित और सुंदर ढंग से किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्रमाणित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। यह पूरी तरह सफल रहा और अयोध्या के लोगों ने इसे भव्य रूप से मनाया।”
इस आयोजन में अयोध्या के सभी प्रमुख घाटों, राम पैड़ी और सरयू तट पर दीयों की सजावट की गई। लाखों लोग इस भव्य दृश्य को देखने के लिए पहुंचे और अपने परिवार के साथ दीपोत्सव का आनंद लिया। आयोजन स्थल पर पूरी रात रोशनी की छटा फैली रही और भक्तिमय वातावरण ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीपोत्सव के आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके अलावा, आयोजन स्थल पर सफाई और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि यह त्योहार सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाया जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस भव्य दीपोत्सव को स्थानीय संस्कृति और धार्मिक आस्था के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना ही नहीं था, बल्कि यह पर्यटन, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था। इस भव्य दीपोत्सव ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई। विशेषज्ञों और गिनीज रिकॉर्ड अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर दीप जलाने का आयोजन न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि इसे सफलतापूर्वक संपन्न करना प्रशासन और आयोजकों की उत्कृष्ट योजना का प्रमाण है। इस रिकॉर्ड से अयोध्या दीपोत्सव का नाम विश्व स्तर पर दर्ज हो गया है। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों और भक्तों ने दीपों की रोशनी का आनंद लिया और भगवान राम की भक्ति में लीन होकर इस पर्व को यादगार बनाया। यह दीपोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक उत्साह का अद्भुत संगम साबित हुआ।
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