- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- वायु प्रदूषण नियंत्रण...
उत्तर प्रदेश
वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्राधिकरण सख्त, ग्रेप लागू होने के बाद तेज हुई मॉनिटरिंग और कार्रवाई
SHIDDHANT
5 Dec 2025 10:27 PM IST

x
Noida नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच आयोग फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) द्वारा 14 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किए जाने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार ‘खराब’ श्रेणी में रहने के कारण शहर में विशेष कार्रवाई की जा रही है। नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेप के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया है और कई चरणों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई है। नोएडा प्राधिकरण ने जानकारी दी कि ग्रेप गाइडलाइंस के पालन के लिए 14 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो पूरे शहर में निर्माण स्थलों, मुख्य मार्गों और खुले इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। टीमों द्वारा की गई सख्त मॉनिटरिंग के दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां पर कुल 14,95,000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।
प्राधिकरण का दावा है कि सभी टीमें रोजाना फील्ड में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं ताकि प्रदूषण को न्यूनतम किया जा सके। सड़कों पर उड़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए नगर क्षेत्र में प्रतिदिन 60 टैंकरों के माध्यम से 260 से 280 किलोमीटर लंबाई तक शोधित जल का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके अलावा, 14 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें रोजाना लगभग 340 किलोमीटर सड़क की सफाई कर रही हैं, जिससे धूल प्रदूषण में गिरावट लाई जा सके। उद्यान विभाग भी प्रदूषण नियंत्रण अभियान में सक्रिय है।
विभाग रोजाना 25 टैंकरों की मदद से सेंट्रल वर्ज पर लगे पौधों की धुलाई कर रहा है, जिससे धूल जमने की समस्या को कम किया जा सके। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए 88 स्टैटिक और 10 ट्रक-माउंटेड एंटी स्मॉग गन तैनात की गई हैं, जो लगातार संचालित हैं। सी एंड क्यू वेस्ट (निर्माण एवं विध्वंस मलबा) के उचित निस्तारण के लिए सेक्टर-80 में 400 टीपीडी क्षमता वाला प्रोसेसिंग प्लांट पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है। ग्रेप अवधि के दौरान नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 12,199 टन सी एंड क्यू वेस्ट एकत्र कर प्रोसेस किया गया, जिससे अवैध डंपिंग पर नियंत्रण हुआ है।
प्राधिकरण की 14 टीमें प्रतिदिन निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी निर्माण सामग्री ग्रीन नेट से ढकी हो, नियमित रूप से पानी का छिड़काव हो, और साइट के चारों ओर मेटल शीट व ग्रीन कारपेट लगाए गए हों। जहां भी ग्रेप गाइडलाइन और हरित न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन पाया गया, वहां तत्काल कार्रवाई की गई है। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Tagsनोएडावायु प्रदूषणAQIसीएक्यूएमग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लानग्रेपप्रदूषण नियंत्रणनिर्माण स्थलधूल नियंत्रणसफाई अभियानट्रक-माउंटेड एंटी स्मॉग गनप्रोसेसिंग प्लांटनोएडा प्राधिकरणसड़क छिड़कावहरित न्यायाधिकरणजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





