उत्तर प्रदेश

कानपुर में 36,580 किलो भुने चने में मिला औरामिन डाई, 33.48 लाख का स्टॉक नष्ट

Kavita2
25 Aug 2026 2:18 PM IST
कानपुर में 36,580 किलो भुने चने में मिला औरामिन डाई, 33.48 लाख का स्टॉक नष्ट
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कानपुर। भुने चने को देखकर आम तौर पर कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि उसमें खाद्य पदार्थों के लिए प्रतिबंधित कृत्रिम रंग मिलाया गया है। कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब सात महीने पहले लिए गए नमूने की प्रयोगशाला जांच में भुने चने में औरामिन डाई की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर बड़ी मात्रा में जब्त चने को नष्ट करा दिया गया।

विभाग ने कुल 36,580 किलोग्राम भुना चना कानपुर नगर निगम के भौंती डंपिंग यार्ड में नष्ट कराया। अधिकारियों के अनुसार, नष्ट किए गए चने की अनुमानित कीमत करीब 33.48 लाख रुपये है। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों में औद्योगिक रंगों के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

17 दिसंबर 2025 को हुई थी कार्रवाई

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम ने 17 दिसंबर 2025 को बिनगवां स्थित बाबा बैजनाथ ट्रेडर्स के गोदाम पर कार्रवाई की थी। टीम को वहां बड़ी मात्रा में भुना चना मिला था।

जांच के दौरान अधिकारियों ने चने के नमूने लिए और उन्हें परीक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की प्रयोगशाला भेज दिया। वहीं, गोदाम में रखे भुने चने को सीज कर दिया गया, ताकि जांच पूरी होने तक उसे बाजार में नहीं भेजा जा सके।

प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में चने में औरामिन डाई की मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद विभाग ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

रिपोर्ट में औरामिन डाई की पुष्टि

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, औरामिन डाई एक कृत्रिम पीला रंग है, जिसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को रंगने के बजाय मुख्य रूप से चमड़ा और कपड़ा रंगने जैसे औद्योगिक कामों में किया जाता है।

खाद्य पदार्थ में इस तरह के औद्योगिक रंग की मौजूदगी को गंभीर खाद्य सुरक्षा चिंता के तौर पर देखा जाता है। भुने चने में इसका पाया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चना सीधे उपभोक्ताओं द्वारा खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने सीज किए गए स्टॉक को नष्ट कराने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी। न्यायालय के आदेश के बाद अब पूरी खेप को नष्ट कर दिया गया है।

36,580 किलो चना डंपिंग यार्ड में नष्ट

न्यायालय के आदेश के तहत खाद्य विभाग की निगरानी में 36,580 किलोग्राम भुना चना भौंती स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड ले जाया गया। यहां पूरी खेप को नष्ट कराया गया।

अधिकारियों ने जब्त स्टॉक की कीमत करीब 33.48 लाख रुपये आंकी है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ को बाजार में पहुंचने से पहले रोकना विभाग की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

यदि यह स्टॉक बिना जांच के बाजार में पहुंच जाता, तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक कथित तौर पर औद्योगिक रंग मिला खाद्य पदार्थ पहुंच सकता था। जांच के दौरान स्टॉक को सीज किए जाने से इसे बाजार में बिक्री के लिए जाने से रोका गया।

रंग से चने को आकर्षक बनाने की कोशिश?

खाद्य पदार्थों में रंग का इस्तेमाल कई बार उन्हें अधिक आकर्षक दिखाने के लिए किया जाता है। भुने चने का रंग उपभोक्ता के लिए उसकी गुणवत्ता और ताजगी का एक संकेत हो सकता है। ऐसे में किसी कृत्रिम रंग के इस्तेमाल से उत्पाद का स्वरूप बदल सकता है।

हालांकि, इस विशेष मामले में औरामिन डाई को किस उद्देश्य से चने में मिलाया गया था, इसकी विस्तृत वजह अधिकारियों ने नहीं बताई है। यह जांच का विषय है कि कथित तौर पर रंग किस स्तर पर और किस उद्देश्य से मिलाया गया।

खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इस घटना ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंगों की निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उपभोक्ता अक्सर पैकिंग, रंग और दिखावट के आधार पर खाद्य उत्पाद खरीदते हैं। ऐसे में औद्योगिक इस्तेमाल वाले रंग का खाद्य पदार्थ में मिलना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला बन सकता है।

खाद्य विभाग की ओर से समय-समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराई जाती है। इस मामले में भी नमूना जांच के बाद ही कथित मिलावट का पता चला।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश के आधार पर जब्त सामग्री को नष्ट कर दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित प्रक्रिया के तहत की जा रही है।

यह मामला यह भी दिखाता है कि खाद्य पदार्थों की जांच केवल उनकी बाहरी गुणवत्ता देखकर नहीं की जा सकती। चना देखने में सामान्य होने के बावजूद प्रयोगशाला परीक्षण में उसमें कथित तौर पर ऐसा रंग पाया गया, जिसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल 36,580 किलो भुने चने को नष्ट किए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई चर्चा में है। 33.48 लाख रुपये मूल्य की इस खेप को बाजार में पहुंचने से पहले रोकना उपभोक्ता सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, यह मामला खाद्य कारोबारियों के लिए भी चेतावनी है कि खाद्य उत्पादों में गैर-अनुमोदित या औद्योगिक रंगों का इस्तेमाल गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

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