उत्तर प्रदेश

औरैया: किराये पर बैंक अकाउंट देने वाले गैंग पर एक्शन, आरोपी अजीत कुमार भी नामजद

Saba Naaz
13 July 2026 5:57 PM IST

औरैया/दिबियापुर। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में साइबर ठगों को मोटी रकम के लालच में अपने बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस हाईटेक नेटवर्क की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें शामिल नए-नए चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने ककोर निवासी अंकित और फफूंद के रोहित कमल के बाद अब तीसरे आरोपी अजीत कुमार के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी अजीत कुमार ग्राम गुलरिहा का रहने वाला है। इस कार्रवाई के बाद से साइबर अपराधियों और उनके मददगारों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि पुलिस इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचने के लिए अपनी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है।

नेशनल इनपुट के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच

पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े और देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसियों ने औरैया पुलिस से इनपुट साझा किया। जिले की साइबर सेल, एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग) पोर्टल, आई-4सी (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) और समन्वय पोर्टल से प्राप्त बेहद गोपनीय और तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की गहराई से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस और साइबर सेल की टीम ने देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हुई साइबर ठगी की सैकड़ों शिकायतों और उनमें इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के लेनदेन (ट्रांजैक्शन) का बारीकी से मिलान किया। इस डिजिटल ऑडिटिंग में जो तथ्य सामने आए, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

सेंट्रल बैंक के खाते से जुड़े कई राज्यों के ठगी के तार

जांच के दौरान टीम को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) का एक बेहद संदिग्ध खाता मिला। जब इस खाते के स्टेटमेंट और इसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला गया, तो पता चला कि इसके माध्यम से देश के अलग-अलग कोनों में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था। इस अकेले खाते का लिंक तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और खुद उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से सीधे तौर पर मिला। साइबर ठगों ने आम जनता से लॉटरी, टास्क आधारित फ्रॉड, बिजली बिल और लोन के नाम पर जो करोड़ों रुपये ठगे थे, वे इसी खाते में ट्रांसफर किए जा रहे थे। पुलिस ने जब इस खाते के असली मालिक और इसे ऑपरेट करने वाले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा, तो औरैया के स्थानीय युवकों के नाम सामने आने लगे।

दो दिन में तीन बड़े मुकदमों से थर्राया नेटवर्क

इस नेटवर्क पर औरैया पुलिस पिछले कुछ दिनों से लगातार ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है। दो दिन पहले पुलिस ने ककोर निवासी अंकित के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद सोमवार को फफूंद क्षेत्र के पसईपुर-शमशपुर निवासी रोहित कमल को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की गई। अब इसी कड़ी में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गुलरिहा निवासी अजीत कुमार को भी नामजद किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये आरोपी केवल मोहरे हैं, जो महज कुछ हजार रुपयों या कमीशन के लालच में अपने नाम पर बैंक खाते और एटीएम कार्ड जारी करवाते थे और फिर उन्हें दिल्ली, जामताड़ा या मेवात में बैठे बड़े साइबर अपराधियों को किराये पर सौंप देते थे।

पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने में जुटी पुलिस

अजीत कुमार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की धरपकड़ में जुट गई है। पुलिस कप्तान के निर्देश पर साइबर सेल की एक विशेष टीम उन लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिन्होंने हाल ही में बिना किसी ठोस व्यवसाय के अपने खातों में अचानक लाखों-करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया है।

पुलिस का मानना है कि औरैया और इसके ग्रामीण इलाकों में ऐसे दर्जनों युवक सक्रिय हो सकते हैं, जो अनजाने में या जानबूझकर साइबर अपराधियों के स्लीपर सेल या 'मनी म्यूल' (Money Mule) के रूप में काम कर रहे हैं। पुलिस ने साफ किया है कि इस गिरोह से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस रैकेट के मास्टरमाइंड को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Next Story