उत्तर प्रदेश

यूपी में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 35 साल का रिकॉर्ड

Kavita2
1 Sept 2026 9:07 AM IST
यूपी में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 35 साल का रिकॉर्ड
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून जमकर मेहरबान रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में तो पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो, जहां अच्छी बारिश दर्ज न की गई हो। लगातार हो रही बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं किसानों के चेहरे पर भी राहत की मुस्कान लौट आई है।

अगस्त महीने में हुई बारिश ने प्रदेश में पिछले 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल अगस्त में सामान्य से करीब 82 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम के इस बदलाव ने जुलाई में कम बारिश के कारण परेशान किसानों की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। जुलाई में औसत से कम बारिश होने के चलते धान समेत खरीफ फसलों को लेकर किसान चिंतित थे, लेकिन अगस्त की झमाझम बारिश ने फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करा दिया।

किसानों को मिली बड़ी राहत

बारिश की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए अगस्त का महीना राहत लेकर आया। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिला है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर हुई अच्छी बारिश से उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

किसानों का कहना है कि जुलाई में बारिश कम होने के कारण सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ने का डर था, लेकिन अगस्त में लगातार बारिश होने से अब फसलों को प्राकृतिक पानी मिल रहा है। इससे आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

नदी नहरों में बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश का असर प्रदेश की नदियों और नहरों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि प्रमुख नहरों में भी पर्याप्त जलस्तर दर्ज किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, अच्छी बारिश के कारण जलाशयों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है।

इसका सबसे बड़ा फायदा आने वाले रबी सीजन में मिलेगा। किसानों को गेहूं, सरसों, चना और अन्य रबी फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पर्याप्त जल भंडारण से खेती की तैयारियां आसान होंगी।

पश्चिम से पूरब तक मानसून सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून की सक्रियता पूरे प्रदेश में देखने को मिली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से लेकर पूर्वांचल तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में मानसून की इस सक्रियता का कारण कई मौसमी परिस्थितियां मानी जा रही हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण उत्तर प्रदेश में बादलों की सक्रियता बनी रही, जिससे लगातार बारिश होती रही।

जलभराव और बाढ़ की चुनौती

हालांकि भारी बारिश से जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं कुछ जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और राहत कार्य भी चलाए जा रहे हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है।

रबी फसलों के लिए बेहतर संकेत

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त में हुई अच्छी बारिश का असर सिर्फ खरीफ फसलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फायदा रबी सीजन में भी मिलेगा। मिट्टी में पर्याप्त नमी और जल स्रोतों में बढ़ा पानी किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

गेहूं और अन्य रबी फसलों की बुवाई के समय किसानों को सिंचाई की परेशानी कम होगी। इससे खेती की लागत घटने और उत्पादन बढ़ने की संभावना है।

कुल मिलाकर अगस्त की बारिश उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। जुलाई की कम बारिश से बनी चिंता अब काफी हद तक खत्म हो गई है। मानसून की इस मेहरबानी ने न केवल खेतों को जीवन दिया है, बल्कि आने वाले कृषि सीजन के लिए भी उम्मीदें मजबूत कर दी हैं।

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